वेदांता को अलग-अलग कंपनियों में बांटने के पीछे अनिल अग्रवाल बड़ी योजना
वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का मानना है कि कंपनी काे 5 अलग-अलग हिस्सों में बंटना काफी संभावनाएं पैदा कर सकता है। इनमें एल्युमिनियम, स्टील, तेल और गैस, बिजली और एक अन्य बिजनेस शामिल हैं।
उनका कहना है कि दुनियाभर की मांग और इन उद्योगों के बड़े पैमाने की वजह से हर हिस्से की कीमत 100 अरब डॉलर (करीब 9,500 अरब रुपये) से भी ज्यादा हो सकती है। उनके विकास की योजनाएं में एल्युमिनियम की अहम भूमिका है।
एल्युमिनियम उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य
अग्रवाल का लक्ष्य है कि वेदांता का एल्युमिनियम उत्पादन सिर्फ 3 साल से कुछ ज्यादा समय में 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 60 लाख मीट्रिक टन हो जाए और भविष्य में 100 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाए। जरूरत पड़ने पर वे इसके लिए कर्ज लेने में भी नहीं हिचकेंगे।
साथ ही, वे ग्रुप के कर्ज को 2 साल में 2 से 3 अरब डॉलर (करीब 190 से 280 अरब रुपये) तक कम करना चाहते हैं और कर्नाटक के संसाधनों का इस्तेमाल करके स्टील उत्पादन के लिए भी उनके पास बड़ी योजनाएं हैं।