क्यों अमेरिकी न्यायाधीश ने गौतम अडाणी को दिया शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश?
भारतीय अरबपति गौतम अडाणी को एक अमेरिकी न्यायाधीश ने 15 जुलाई तक शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। दरअसल, अदालत उनसे यह जानना चाहती है कि क्या अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने उनके खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के जो मामले वापस लिए थे, उसके पीछे कोई गुप्त समझौता था।
ये मामले 2024 में दर्ज किए गए थे और इनमें आरोप था कि उन्होंने सोलर अनुबंध के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी और अपनी कंपनी के भ्रष्टाचार विरोधी कोशिशों के बारे में निवेशकों को गुमराह किया।
अडाणी-DOJ के बीच गुप्त समझौते की आशंका
अब न्यायाधीश यह देख रहे हैं कि क्या अडाणी और अमेरिकी सरकार के बीच कोई ऐसा गुप्त समझौता हुआ था, जिसने न्याय विभाग के फैसले को प्रभावित किया।
न्याय विभाग के प्रधान सहयोगी उप अटॉर्नी जनरल ट्रेंट मैकोटर ने यह माना कि उनकी मुलाकात अडाणी के वकीलों से हुई थी। वकीलों ने उन्हें बताया था कि इन मामलों का अमेरिका के निवेश पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, मैकोटर ने जोर देकर कहा कि इन चर्चाओं का उनके फैसले पर कोई असर नहीं हुआ।
इसके बावजूद, न्यायाधीश को कुछ बातें मेल नहीं खाती दिखीं और उन्होंने इस मुकदमे को बंद करने से पहले और ज्यादा पारदर्शिता लाने को कहा है।