भारत बना निवेशकों का नया 'सुरक्षा कवच', उतार-चढ़ाव का कम रहा असर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश के चलते दुनियाभर के शेयर बाजार काफी उतार-चढ़ाव देख रहे हैं, लेकिन इस सबके बीच भारतीय शेयर बाजार अपनी जगह पर मजबूती से खड़ा है।
इस साल निफ्टी 50 इंडेक्स में बड़े उतार-चढ़ाव बहुत कम देखने को मिले। सिर्फ 38 दिन ही ऐसे रहे, जब इंडेक्स में 1 फीसदी या उससे ज्यादा का बदलाव आया।
दूसरी तरफ, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में यह संख्या 79 दिन रही, जबकि MSCI के इमर्जिंग मार्केट और एशियाई सूचकांकों में 59 दिन ऐसे बदलाव देखने को मिले।
जून में निफ्टी ने दूसरे इमर्जिंग मार्केट को भी पीछे छोड़ दिया। यह अंतर 2025 के आखिर के बाद सबसे ज्यादा रहा, जो दिखाता है कि निवेशकों का भारत की स्थिरता पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
मॉर्गन स्टेनली ने भारत को बताया 'डिफेंसिव'
भारत की अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत है। इसके कारण रुपया स्थिर बना हुआ है और ऊर्जा के दाम भी कम हैं, जिससे महंगाई को काबू में रखने में मदद मिली है।
रिफाइनिंग और एयरलाइंस जैसे क्षेत्रों में भी सुधार दिख रहा है, जिसने सकारात्मक माहौल को और बेहतर किया है। मॉर्गन स्टेनली ने भारत को 'डिफेंसिव इक्विटी मार्केट' भी बताया है क्योंकि यह वैश्विक झटकों को बेहतर तरीके से संभाल लेता है।
अर्निंग्स सीजन की शुरुआत हो चुकी है, जिसकी अगुवाई टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कर रही है, वहीं कमोडिटी के दाम भी गिर रहे हैं और ब्याज दरें स्थिर बनी हुई हैं।
ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय शेयर AI संचालित अर्थव्यवस्थाओं में छाई अनिश्चितता के मुकाबले निवेशकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह हैं।