डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिरकर 95.42 पर पहुंचा
बुधवार (12 अगस्त) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे गिरकर 95.42 के स्तर पर पहुंच गया। रुपये की यह कमजोरी ऐसे समय में देखने को मिली है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल है और बाजार को नहीं लगता कि अमेरिका-ईरान के बीच कोई समझौता जल्दी हो पाएगा। ये सभी वजहें निवेशकों को बेचैन कर रही हैं।
कच्चे तेल में वृद्धि से रुपये पर बढ़ा दबाव
ब्रेंट क्रूड में एक प्रतिशत की तेजी आई है और यह 89.80 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसी के चलते तेल कंपनियों ने डॉलर की खरीदारी बढ़ा दी है। इस वजह से रुपया और दबाव में आ गया है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने बताया कि अगर, कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं तो रुपया जल्द ही 95.50 या 96.00 के स्तर तक भी गिर सकता है। इन वैश्विक तनावों के बीच निवेशक अहतियात बरत रहे हैं, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 35.99 अंक नीचे लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 31.15 अंक गिरकर खुला।