अमेरिकी न्यायाधीश ने गौतम अडाणी पर धोखाधड़ी का आरोप हटाने का न्याय विभाग से मांगा स्पष्टीकरण
अमेरिकी न्यायाधीश ने न्याय विभाग (DOJ) से यह जवाब मांगा है कि भारत के अरबपति गौतम अडाणी पर लगे धोखाधड़ी के आरोप अचानक क्यों हटा लिए गए।
यह मामला 2024 में दर्ज हुआ था, जिसमें उन पर सोलर प्रोजेक्ट के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप था।
मई में सरकारी वकीलों ने बताया था कि वे इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे, लेकिन उन्होंने इसकी कोई खास वजह नहीं बताई। इसी कारण से न्यायाधीश निकोलस गराउफिस ने 13 जुलाई तक इस पर एक स्पष्टीकरण मांगा है।
तकनीकी रूप से अभी भी अटका है मामला
अडाणी के वकीलों का कहना है कि अमेरिका को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। वे इस बात पर जोर देते हैं कि इसमें कोई ठोस सबूत नहीं है। खुद अडाणी ने भी रिश्वत लेने से इनकार किया और अमेरिकी अदालत में पेश नहीं हुए हैं।
इससे पहले उन्होंने और उनके भतीजे ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ 1.8 करोड़ डॉलर (करीब 160 करोड़ रुपये) में सिविल मामलों का निपटारा किया था।
दूसरी तरफ, उनकी कंपनी ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर 27.50 करोड़ डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपये) चुकाए थे।
फिलहाल, सरकारी वकीलों ने आधिकारिक तौर पर आपराधिक मामले को अभी तक खारिज नहीं किया है, इसलिए तकनीकी रूप से यह मामला अभी भी अधर में लटका हुआ है।