अल्फाबेट बनी 4 लाख करोड डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंचने वाली चौथी कंपनी
क्या है खबर?
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी पहली बार 4 लाख करोड़ डॉलर (लगभग 360 लाख करोड़ रुपये) के बाजार मूल्यांकन तक पहुंच गई और ऐपल को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। इससे पहले यह उपलब्धि एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और ऐपल हासिल कर चुकी हैं। शेयरों में आई तेजी ने अल्फाबेट को टेक सेक्टर की चुनिंदा दिग्गज कंपनियों की सूची में और मजबूत स्थिति दिलाई है।
डील
AI डील से शेयरों को सहारा
अल्फाबेट के शेयरों में उछाल उस समय आया जब ऐपल ने अपने डिजिटल असिस्टेंट सिरी के बड़े अपडेट के लिए गूगल के जेमिनी AI मॉडल को चुना। ऐपल ने कहा कि जांच के बाद उसे गूगल की तकनीक सबसे उपयुक्त लगी। हालांकि, दोनों कंपनियों ने इस डील की कीमत का खुलासा नहीं किया है। इस फैसले से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और अल्फाबेट की बाजार वैल्यू तेजी से ऊपर चली गई।
AI
AI प्रोडक्ट्स और क्लाउड से बढ़ी ताकत
हाल के महीनों में अल्फाबेट ने जेमिनी AI का नया वर्जन और इमेज जनरेटर जैसे प्रोडक्ट लॉन्च किए, जिससे निवेशकों की शंकाएं कम हुईं और भरोसा बढ़ा। वहीं गूगल क्लाउड कंपनी का बड़ा ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। तीसरी तिमाही में इसका रेवेन्यू 34 प्रतिशत बढ़ा है। खुद के बनाए AI चिप्स को बाहरी ग्राहकों को किराए पर देने से भी क्लाउड बिजनेस को मजबूती मिली है और भविष्य की कमाई को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
कारोबार
विज्ञापन कारोबार है स्थिर
कंपनी का मुख्य विज्ञापन कारोबार आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद स्थिर बना रहा, जिसमें गूगल सर्च और यूट्यूब शामिल हैं और कमाई लगातार बनी हुई है। हालांकि अल्फाबेट को अमेरिका में दो बड़े एंटीट्रस्ट मामलों का सामना करना पड़ रहा है। एक मामले में कंपनी को राहत मिली है, जबकि दूसरे में ऑनलाइन विज्ञापन बाजार को लेकर सुनवाई जारी है। इन मामलों के नतीजे भविष्य में गूगल के बिजनेस मॉडल और रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।