फ्लिपकार्ट में 150 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी का आरोप, वॉलमार्ट ने शुरू की जांच
क्या है खबर?
अमेरिका की बड़ी खुदरा कंपनी वॉलमार्ट ने अपनी भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के कुछ कर्मचारियों पर लगे रिश्वत लेने के आरोपों की जांच शुरू की है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, व्हिसलब्लोअर की ओर से शिकायत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। आरोप है कि स्मार्टफोन और लगेज व यात्रा से जुड़े सामान के विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिली। मामले से जुड़े 4 लोगों ने इसकी जानकारी दी है।
आरोप
विक्रेताओं को फायदा पहुंचाने के बदले लिए पैसे
मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि फ्लिपकार्ट के कुछ कर्मचारियों ने चुनिंदा ब्रांड और विक्रेताओं को फायदा पहुंचाने के बदले उनसे पैसे लिए थे।
इनमें स्मार्टफोन और लगेज से जुड़े सामान बेचने वाले विक्रेता शामिल हैं। आरोप है कि कर्मचारियों ने कंपनी के थोक कारोबार में अपनी भूमिका का गलत इस्तेमाल किया।
उन्होंने कुछ विक्रेताओं के सामान को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ज्यादा जगह दिलाई। इससे उन विक्रेताओं के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिली।
मामले
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
वॉलमार्ट पिछले 3 साल से कम समय में फ्लिपकार्ट से जुड़े ऐसे 2 मामलों की जांच पहले भी कर चुकी है।
करीब ढाई साल पहले लगेज और यात्रा से जुड़े सामान के विभाग में वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जांच के बाद कम से कम 3 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया था।
इसके करीब 2 साल बाद स्मार्टफोन विभाग से जुड़ा एक और मामला सामने आया। इसमें एक कर्मचारी पर लगे आरोप सही पाए गए थे।
अन्य
कंपनी छोड़ रहे वरिष्ठ अधिकारी
यह जांच ऐसे समय हो रही है, जब फ्लिपकार्ट के भीतर कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ रही है।
कंपनी के शेयर बाजार में उतरने की योजना को लेकर अभी कोई समयसीमा तय नहीं है। इससे पुराने और मौजूदा कर्मचारियों के बीच अपने हिस्से के शेयर बेचने को लेकर चिंता बनी हुई है। पिछले साल कंपनी के 14 अधिकारी पद छोड़ चुके हैं।
वहीं, 1,000 से ज्यादा पूर्व कर्मचारियों ने वॉलमार्ट के बोर्ड से शेयरों को लेकर अपनी मांग रखी थी।