अमेरिका-चीन AI के फायदे-जोखिम पर बातचीत करने को राजी
अमेरिका और चीन के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्यापार और निवेश जैसे मुद्दों पर बातचीत खत्म कर दी है।
जेपी मॉर्गन चेस में हुई इन बैठकों का मकसद राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से पहले आगे की बातचीत का रास्ता तैयार करना था।
चीन की तरफ से ली चेंगगांग जैसे बड़े वार्ताकार मौजूद थे, वहीं अमेरिका का पक्ष ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने संभाला।
दोनों देशों में बीच खत्म नहीं हुआ तनाव
बेसेंट ने बताया कि बातचीत का एक अहम नतीजा यह रहा कि दोनों देश AI के फायदों को लेने और उससे जुड़े जोखिमों को संभालने के लिए एक नया 'अमेरिका-चीन AI संवाद' शुरू करने पर राजी हो गए हैं।
दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार समझौते की मियाद भी जल्द ही खत्म होने वाली है। इसे कुछ और महीनों के लिए आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसकी एक मिसाल यह है कि अगस्त में अमेरिका को चीनी दुर्लभ मृदा चुंबकों का निर्यात 21 फीसदी तक गिर गया। इससे पता चलता है कि अहम चीजों को लेकर दोनों के बीच की खींचतान अभी जारी है।