चिप्स-सर्वर के पुर्जे ढोने से एशियाई एयरलाइंस की कमाई में आया उछाल
एशिया के एयर कार्गो में एक बड़ा तकनीकी बदलाव आया है और इसकी सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। इसकी वजह से अब सेमीकंडक्टर की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
इसको पूरा करने के लिए कोरियन एयर और ईवा एयरवेज जैसी एयरलाइंस अब ई-कॉमर्स के सामान की बजाय एडवांस चिप्स और AI सर्वर के पुर्जे ढोने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। असल में, ये वही पुर्जे हैं, जिनसे डाटा सेंटर और आधुनिक तकनीक चलती है।
चिप्स की बढ़ती मांग से एयरलाइंस के बदले रूट
इस बदलाव के हिसाब से चलने के लिए कोरियन एयर और ईवा एयरवेज ने अपने रूट और काम करने के तरीके बदल दिए हैं। कोरियन एयर की कार्गो से होने वाली कमाई पिछली तिमाही में 46 फीसदी बढ़ गई और ये सब सेमीकंडक्टर शिपमेंट की वजह से हुआ है।
इसी तरह, ईवा एयरवेज ने बताया है कि उनकी कुल कार्गो कमाई का करीब आधा हिस्सा अब AI से जुड़े सामान से आता है।
ANA और जापान एयरलाइंस जैसे बड़े नाम भी चिप हब को सीधे दुनिया के बाजारों से जोड़ रहे हैं। इससे साफ है कि अब टेक का सामान विमानों से होने वाली कमाई का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है।