एग्रोग्रेड सब्जियों की छंटाई के लिए कर रही AI का इस्तेमाल
पुणे के स्टार्टअप एग्रोग्रेड अब अपनी मौजूदा सूची में टमाटर, लहसुन और पत्तेदार सब्जियां भी जोड़ने जा रहा है। कंपनी पहले से ही प्याज, आलू, सेब और सुपारी की ग्रेडिंग करती है और अब इन नई चीजों की छंटाई के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर काम कर रही है।
कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्षितिज ठाकुर ने बताया कि टमाटर की छंटाई करने वाली मशीनें अगले साल तक बाजार में आ जाएंगी। इससे किसानों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए यह प्रक्रिया और भी तेज और आसान हो जाएगी।
ग्रेडिंग की लागत हुई कम
एग्रोग्रेड ने 2018 से लेकर अब तक 14 राज्यों में 130 से ज्यादा मशीनें लगाई हैं। इनकी डीप लर्निंग तकनीक हर उत्पाद की कम से कम 12 तस्वीरें लेती है और उसे बहुत सटीक तरीके से अलग-अलग श्रेणियों में छांटती है।
ठाकुर ने बताया कि इस तकनीक से ग्रेडिंग और छंटाई की लागत घटकर केवल 0.08 से 0.10 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है और काम की सटीकता 99 फीसदी तक है।
इसके साथ ही, पैकिंग और उत्पादों को एक से दूसरी जगह ले जाने में होने वाले नुकसान में भी काफी कमी आई है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलता है।
दक्षिण-पूर्व एशिया में विस्तार पर नजर
महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में एग्रोग्रेड प्याज के बाजार में तकनीक के मामले में एक बड़ा नाम बन गया है। इसकी मशीनें हर घंटे करीब 10 टन उत्पादों की छंटाई कर सकती हैं।
अब कंपनी दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने की सोच रही है। वहां की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए भी पूरी तैयारी कर चुकी है।