बिटकॉइन 4 दिनों की तेजी के बाद गिरकर 85,500 डॉलर पर पहुंचा
एशिया में बिटकॉइन में थोड़ी नरमी देखी गई है। 4 दिनों की जोरदार तेजी के बाद यह अमेरिका में अपने 87,381 डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) के उच्चतम स्तर से गिरकर सिंगापुर के कारोबार में लगभग 85,500 डॉलर (करीब 81 लाख रुपये) पर आ गया।
फिर भी पिछले सप्ताह के निचले स्तर से यह 10,000 डॉलर (करीब 9.5 लाख रुपये) ऊपर है, इसलिए क्रिप्टो निवेशक अभी घबराए नहीं हैं। यह उछाल शेयर बाजारों जैसे दूसरे जोखिम भरे एसेट में आई तेजी के साथ ही देखा गया।
इस कारण बदला बाजार का माहौल
बिटकॉइन में आई इस तेजी के पीछे कुछ खास वजहें थीं। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने ब्लॉकचेन पर आधारित सिक्योरिटीज ट्रेडिंग को हरी झंडी दिखा दी। इस फैसले से बाजार में अच्छा माहौल बना। पिछले 3 साल से भी ज्यादा वक्त में फेडरल रिजर्व ने पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है और अमेरिका में कुछ नियामक प्रयास भी अटके हुए हैं।
इसके बावजूद डिजिटल एसेट मजबूत बने हुए हैं। इन्हें बड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) निवेश और माइकल सायलर की कंपनी स्ट्रेटेजी की नई खरीदारियों ने और सहारा दिया है।
हालांकि, बिटकॉइन अभी तक अपने 1.26 लाख डॉलर (करीब 1.1 करोड़ रुपये) के सबसे ऊंचे स्तर पर नहीं पहुंचा है। यह अभी भी शेयर बाजार और सोने से पीछे चल रहा है क्योंकि निवेशकों का ध्यान और पैसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तरफ मुड़ गया है।