बड़ी गिरावट के बाद सोने की कीमत में आया 9 फीसदी का उछाल
सोने के दाम इस साल की शुरुआत में आई गिरावट के बाद अब फिर से ऊपर चढ़ रहे हैं। जनवरी में इसकी कीमत 5,595 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.72 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के रिकॉर्ड स्तर पर थी।
जून आते-आते इसकी कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.23 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) से भी नीचे लुढ़क गई। यह गिरावट तब आई थी, जब लोग नकदी जुटाने में लगे थे और कुछ केंद्रीय बैंकों ने तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए अपने रिजर्व का इस्तेमाल किया।
हालांकि, अगस्त तक आते-आते तेल की कीमतें घटी और अमेरिका में महंगाई भी कम हुई। इसी के साथ सोना 9 फीसदी उछलकर फिर से 4,400 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के आस-पास पहुंचा।
उछाल के पीछे हो सकते हैं सेंट्रल बैंक
सोने में आई इस हालिया तेजी के पीछे सेंट्रल बैंक और बड़े निवेशक हो सकते हैं। ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि एशियाई बाजारों में खासकर चीन में सोने में फिर से खरीदारी की नई दिलचस्पी दिख रही है और प्रीमियम भी बढ़ रहे हैं।
हालांकि, गहनों और गोल्ड-बैक्ड ETF की मांग अभी उतनी ज्यादा मजबूत नहीं है। अगस्त के मध्य तक ETF में निवेश केवल 7 अरब डॉलर (करीब 665 अरब रुपये) तक ही पहुंचा था।
इसके अलावा, टेक्निकल चार्ट यह भी दिखाते हैं कि सोना अब ओवरबॉट होने की कगार पर है। इसमें 4,504 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर एक अहम रेसिस्टेंस पॉइंट है, जो आने वाले समय में इसकी आगे की बढ़त को धीमा कर सकता है।