अडाणी समूह ने वित्त वर्ष 2026 में किया रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश
अडाणी समूह ने अपनी सालाना आम बैठक (AGM) में बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026 में 1.5 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का निवेश किया, जो अब तक का सबसे ज्यादा सालाना पूंजीगत निवेश है।
यह भारत में निजी क्षेत्र के कुल निवेश का 30 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा है। समूह ने यह भी जानकारी दी कि कई वैश्विक चुनौतियों और 'असाधारण जांच' का सामना करने के बाद भी वे ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, हवाई अड्डों, डिजिटल टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम क्षेत्रों में अपना विस्तार लगातार जारी रखे हुए हैं।
अडाणी पावर की 45GW विस्तार की योजना
अडाणी पावर ने अगले 5 सालों में अपनी क्षमता को 45 गीगावाट (GW) तक बढ़ाने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की एक बड़ी योजना तैयार की है।
इसके अलावा, अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को 72,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मिले हैं। समूह भूटान के साथ मिलकर 5,000GW के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है। उनका लक्ष्य 2035 तक 10GW परमाणु ऊर्जा हासिल करना भी है।
इन क्षेत्रों में भी विस्तार की योजना
अडाणी पोर्ट्स ने इस बार 50 करोड़ टन से भी ज्यादा कार्गो संभाला है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। समूह ने यह भी बताया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी काम शुरू हो गया है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बात करें तो, अडाणी ने गूगल के साथ हाथ मिलाया है। ये दोनों मिलकर विशाखापट्टनम में एक गीगावाट क्षमता वाला डाटा सेंटर बना रहे हैं। इसका मकसद भारत की बढ़ती डिजिटल जरूरतों को पूरा करना है, जिसके लिए कुल 3GW का डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का लक्ष्य है।