अडाणी समूह ने डाटा सेंटर में किया 8,379 करोड़ रुपये का निवेश, प्रतिद्वंद्वी कंपनियां पीछे
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के चलते अडाणी एंटरप्राइजेज (AEL) देश के तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर सेक्टर में बाकी कंपनियों से काफी आगे निकल गई है।
2021 से अब तक AEL ने अपनी संयुक्त उद्यम कंपनी अडाणीकॉननेक्स में 8,379 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है। यह रकम भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा ग्रुप ने मिलकर जितना पैसा लगाया है, उससे लगभग दोगुना है।
2035 तक 5GW क्षमता का लक्ष्य
टाटा ग्रुप ने भी टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के जरिए कम से कम 1,447 करोड़ रुपये का निवेश किया है, लेकिन फिर भी AEL इस मामले में सबसे ऊपर बनी हुई है।
कंपनियों के बीच AI के लिए अपनी टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने की होड़ मची है, जिसकी वजह से यह खर्च बढ़ रहा है। AI के लिए भरोसेमंद बिजली सप्लाई और अच्छी कनेक्टिविटी की बहुत जरूरत होती है।
भविष्य की बात करें तो अडाणीकॉननेक्स का लक्ष्य 2035 तक 5 गीगावाट(GW) की बड़ी क्षमता हासिल करना है। कंपनी की वित्त वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट में गौतम अडाणी ने कहा था, "हमने तभी समझ लिया था कि AI का आने वाला दौर केवल एल्गोरिदम से कहीं ज्यादा की मांग करेगा। इसके लिए बड़े-बड़े डाटा सेंटर, भरोसेमंद बिजली, मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क, कूलिंग सिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी, क्लीन एनर्जी और बड़े स्तर पर काम करने की क्षमता की जरूरत होगी।"