अडाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी कानूनी कार्यवाई को लेकर दिया स्पष्टीकरण, जानिए क्या है मामला
क्या है खबर?
अडाणी समूह की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने साफ किया है कि वह अमेरिका में चल रही चांज के मामले में किसी भी कानूनी कार्यवाई में पक्षकार नहीं है। यह स्पष्टीकरण BSE और राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की ओर से उठाए गए प्रश्नों के जवाब में दिया गया। ये सवाल कुछ रिपोर्ट्स में एक अमेरिकी नियामक की ओर से गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को कानूनी समन जारी करने के लिए कदम उठाए जाने के बाद कंपनी से पूछे गए।
जवाब
जवाब में कंपनी ने यह कहा
एक्सचेंज फाइलिंग में अडाणी एंटरप्राइजेज ने कहा कि इस मामले में कंपनी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं और इन कार्यवाही में पक्षकार नहीं है। उसने 21 नवंबर, 2024 को जारी स्पष्टीकरण में मीडिया के इसी तरह के सवालों का जवाब पहले ही दे दिया था। कंपनी ने आगे कहा कि मीडिया रिपोर्ट भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स के विनियमन 30 के तहत किसी अतिरिक्त खुलासे की आवश्यकता नहीं है।
असर
शेयरों पर पड़ा बुरा असर
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने अमेरिकी जिला न्यायाधीश से अडाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को कानूनी समन जारी करने की अनुमति मांगी है। इसके बाद 23 जनवरी को समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। अडाणी इंटरप्राइजेज के शेयर में करीब 11 प्रतिशत, अडाणी ग्रीन एनर्जी में करीब 14.6 प्रतिशत और अडाणी एनर्जी सॉल्यूशन्स में लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
मामला
यह था मामला
नवंबर, 2024 में सामने आए एक अमेरिकी आरोप पत्र में अडाणी समूह के कुछ अधिकारियों पर आरोप लगाया गया था कि वे अडाणी ग्रीन एनर्जी द्वारा उत्पादित बिजली की खरीद के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना का हिस्सा थे। SEC की शिकायत में कहा गया है कि अधिकारियों ने कंपनी के भ्रष्टाचार विरोधी तरीकों के बारे में जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को भी गुमराह किया। समूह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया।