जाति-लिंग भेदभाव के आरोपों के मामले में एक्सेंचर ने किया समझौता
एक्सेंचर ने अमेरिका में डायवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन (DEI) भर्ती तरीकों को लेकर चल रही सरकारी जांच को खत्म करने के लिए 2.5 करोड़ डॉलर (करीब 230 अरब रुपये) चुकाने का समझौता किया है।
कंपनी पर आरोप था कि वह नौकरियों और प्रमोशन में जाति और लिंग को आधार बनाती थी। ट्रंप प्रशासन ने इस तरीके को भेदभावपूर्ण कहा था।
एक्सेंचर ने बताया कि उसने कानून का पालन किया था, लेकिन कोर्ट में इस मामले को लंबा चलाने की बजाय समझौता करना ही ठीक समझा।
डेलॉयट और IBM भी DEI जांच के घेरे में
यह मामला केवल एक्सेंचर तक ही सीमित नहीं है। डेलॉयट और IBM जैसी बड़ी कंसल्टिंग कंपनियों को भी इसी तरह की जांच से गुजरना पड़ा है और उन्होंने भी करोड़ों डॉलर देकर मामले निपटाए हैं।
सरकार DEI से जुड़ी पहलों पर लगातार दबाव बना रही है, जिसकी वजह से कई कंपनियां अब काम की जगह पर विविधता लाने के अपने तरीकों पर दोबारा सोच रही हैं।
एक्सेंचर ने बताया कि वह इस समीक्षा में पूरा सहयोग कर रही है और अब आगे बढ़ने के लिए तैयार है।