बढ़ते AI खतरों को देखते हुए साइबर सुरक्षा को मजबूत कर रहीं टेक कंपनियां
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित हैकिंग में तेजी से बढ़ोतरी के चलते OpenAI, मेटा और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी टेक कंपनियां अब साइबर सुरक्षा पर और ज्यादा पैसा लगा रही हैं।
ब्लैकपांडा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच ऐसे AI हैक्स में 50 फीसदी का उछाल देखा गया है।
इन कंपनियों ने हाल ही में हुए सिक्योरिटी टेस्ट में यह भी माना है कि उनके AI मॉडल्स में कुछ कमियां हैं। ये कमियां तब सामने आईं, जब एक इजरायली स्टार्टअप ने उनके सिस्टम में कुछ कमजोरियां खोज निकालीं।
EU में लागू होगा AI एक्ट
यूरोपीय यूनियन (UE) का नया AI एक्ट 2 दिनों में लागू होने जा रहा है। यह AI कंपनियों के लिए डाटा और कॉपीराइट से जुड़े पहले आधिकारिक नियम तय करेगा।
इस बीच, जेपी मॉर्गन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने एक ऐसा ग्रुप बनाया है, जिसका मकसद AI से होने वाले खतरों से जरूरी सेवाओं को बचाना है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सरकार और बड़ी टेक कंपनियां मिलकर इन कमजोरियों को दूर करने के लिए काम कर रही हैं।
गार्टनर की रिपोर्ट बताती है कि 2026 के अंत तक साइबर सुरक्षा पर होने वाला खर्च 12.5 फीसदी बढ़कर 240 अरब डॉलर (करीब 22,000 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है। यह दिखाता है कि ये नए खतरे कितने गंभीर हैं और सभी इन्हें लेकर सतर्क हो गए हैं।