क्या होती है इंजन ब्रेकिंग, जो ढलाने पर उतरते समय जरूरी?
क्या है खबर?
गर्मियों की छुट्टी में अक्सर लोग अपनी कार से पहाड़ी पर्यटक स्थलों का नजारा देखने जाते हैं, लेकिन यह सफर जितना रोमांचक होता है, उतना ही चुनोतीपूर्ण भी है। जितनी दिक्कत चढ़ाई में आती है, उतनी ही परेशानी ढलान पर उतरने में भी होती है। ढलान पर सुरक्षित रूप से उतरते समय गाड़ी के ब्रेक के अलावा इंजन ब्रेकिंग भी काम आती है। आइये जानते हैं कि पहाड़ों पर इंजन ब्रेकिंग कैसे काम करती है।
इंजन ब्रेकिंग
इंजन ब्रेकिंग कैसे करती है काम?
इंजन ब्रेकिंग में गाड़ी की रफ्तार कम करने के लिए पैर वाले ब्रेक का इस्तेमाल न करके गियर डाउन करके एक्सीलेटर से पैर हटा लिया जाता है। इससे एयर इनटेक वाल्व बंद हो जाता है और एक वैक्यूम बन जाता है, जिससे सिलेंडरों में हवा का प्रवाह रुक जाता है। ऊर्जा में कमी आती है, जिससे ब्रेकिंग बल उत्पन्न होने लगता है, जो इंजन की गति को कम करके गाड़ी की गति को धीमा करने में मदद करता है।
जरूरी
पहाड़ों पर क्यों जरूरी?
पहाड़ों पर लंबी ढलान उतरते समय आप लगातार ब्रेक दबाए रखते हैं तो ब्रेक पैड्स बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसे ब्रेक फेड कहते हैं। ज्यादा गर्मी के कारण ब्रेक काम करना बंद कर देते हैं, जिससे हादसा हो सकता है। इंजन ब्रेकिंग पैड्स को ठंडा रखने में मदद करती है और इनका घिसाब भी कम करती है। ढलान पर न्यूट्रल में गाड़ी चलाने या सिर्फ ब्रेक के भरोसे रहने से गाड़ी बेकाबू होकर तेज भाग सकती है।
तरीका
किस तरह करें इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल?
इंजन ब्रेकिंग के लिए ढलान शुरू होने से पहले गाड़ी को तीसरे या दूसरे गियर में ले आएं। इसके बाद क्लच को दबाकर गियर बदलें और फिर क्लच और एक्सीलेटर दोनों से पैर को हटा लें। फिर, जब गाड़ी की रफ्तार जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगे तभी हल्के से पैर वाले ब्रेक का इस्तेमाल करें। इससे आप ब्रेक पैड्स का घिसाव कम कर सकते हैं। ब्रेकिंग का यह तरीका मैनुअल कारों में ज्यादा उपयोगी होता है।