क्यों होता है कार का फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम खराब? पहले से मिलने लगते हैं संकेत
क्या है खबर?
कार की बेहतर ड्राइविंग के लिए सभी पार्ट्स का सही तरह से काम करना जरूरी है। एक भी पार्ट में खराबी आने पर गाड़ी चलने में दिक्कत आने लगती है। कई लोग कार के साथ लापरवाही करते हैं, जिस कारण कई तरह की परेशानी आने लगती हैं। ऐसी ही एक परेशानी इसके फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम के साथ भी आती है, जिससे गाड़ी सही तरह से काम नहीं करती है। आइये जानते हैं इसमें खराबी किस कारण से आती है।
गुणवत्ता
फ्यूल की खराब गुणवत्ता का पड़ता है असर
कार के इंजन को ईंधन पहुंचाने के लिए फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम जरूरी हिस्सा होता है। यह एक छोटे नोजल के जरिए इंजन में ईंधन पहुंचाता है, जिससे गाड़ी को चलाया जाता है। फ्यूल इंजेक्टर्स के जाम होने और ठीक से काम न कर पाने का मुख्य कारण ईंधन की गुणवत्ता है। इसमें अतिरिक्त गंदगी या अशुद्धियां अधिक मात्रा में हैं तो ये इंजेक्टर्स में जमा हो सकते हैं, जिससे उनका काम करना मुश्किल हो जाता है।
हीट सोक
हीट सोक के कारण इंजेक्टर होते हैं अवरुद्ध
हीट सोक ऐसी घटना है, जिसमें इंजन बंद करने के बाद इंजेक्टर्स के नोजल में ईंधन की बची हुई मात्रा वाष्पित होकर ओलेफिन के रूप में इंजन के निष्क्रिय रहने के कारण पोर्ट में जमा हो जाता है। पेट्रोल में डिटर्जेंट होते हैं, जो जमे हुए पदार्थ को साफ कर देता है। आप ज्यादा दूर कार नहीं चलाते हैं तो इंजन ओलेफिन को साफ करने का मौका नहीं मिलेगा। इससे इंजेक्टर जाम हो जाएंगे और काम करना बंद कर देंगे।
कारण
इन कारणों से भी आती है खराबी
सोलनॉइड की खराबी: सोलनॉइड का कार्य फ्यूल इंजेक्टर पिंटल को ऊपर खींचने के लिए चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करना है। अगर, इसमें शॉर्ट सर्किट या ओपन सर्किट हो जाता है, तो इंजेक्टर खराब हो सकता है। इंजन ब्लो-बाय: यह फ्यूल और ऑयल का वह अवशेष है, जो पिस्टन से होकर क्रैंकशाफ्ट में चला जाता है। इसके बाद पॉजिटिव क्रैंककेस वेंटिलेशन (PCV) सिस्टम या एयर फिल्टर इसे रोक देता है। इनमें खराबी होने पर गाढ़ा पदार्थ इंजेक्टर्स पर जमा हो जाता है।
लीकेज
लीकेज के कारण होती है समस्या
टूटा हुआ या लीकजे: फ्यूल इंजेक्टर में दरार आ गई हो या उसमें से रिसाव हो रहा हो तो इंजन को हवा और ईंधन का सही मिश्रण नहीं पहुंचाएगा, जिससे इंजन का प्रदर्शन प्रभावित होगा। इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU): यह यूनिट इंजेक्टर कंबशन सिस्टम को संचालित करता है। अगर, ECU में कोई खराबी होती है तो यह फ्यूल इंजेक्टर्स को सही निर्देश नहीं देगा। इससे मिसफायर या इंजन बंद होने की समस्या आ सकती है।
संकेत
खराबी के मिलते हैं ये संकेत
फ्यूल इजेक्शन सिस्टम में खराबी को लेकर कार पहले से ही संकेत देने लगती है। कार स्टार्ट होने में परेशानी आ रही है और बार-बार सेल्फ लगाने पर भी आसानी से स्टार्ट नहीं हो रही तो यह इंजेक्शन सिस्टम में खराबी का इशारा करता है। साथ ही स्पीड बढ़ाने में समय लगता है तो यह भी इसी समस्या का संकेत है। साइलेंसर से ज्यादा धुआं निकलना, गंध आना और माइलेज कम होना भी इसी तरफ इशारा करता है।