फास्टैग में बैलेंस के बाद भी अटक सकता है टोल भुगतान, जानिए क्या हाेते हैं कारण
क्या है खबर?
देश में हाइवे पर टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार लगने से रोकने के लिए फास्टैग से टोल वसूला जाता है। इससे भुगतान करने में लगने वाला समय कम हो जाता है। कई बार फास्टैग में पैसा होने के बावजूद लोगों को भुगतान करने में समस्या आ जाती है। इससे आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है। आइये जानते हैं फास्टैग से भुगतान नहीं होने की क्या-क्या वजह हो सकती हैं और इस समस्या का समाधान कैसे करें।
कारण
इन कारणों से नहीं होगा टोल भुगतान
जब आपका फास्टैग रजिस्टर नहीं होता तो इसके कारण अनावश्यक देरी और परेशानी होती है। विंडशील्ड पर टैग का गलत जगह पर लगा होना इसके काम न करने का सबसे बड़ा कारण है। वाहन में एक से अधिक फास्टैग लगे होने से सिग्नल में रुकावट आती है, वहीं धातु की विंडशील्ड वाले वाहनों में सिग्नल बाधित हो सकते हैं। टैग कटा-फटा होने से उपयोग पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा मशीन में खराबी से भी भुगतान अटक जाता है।
शून्य टोल
ऐसी स्थिति नहीं देना होगा एक भी पैसा
फास्टैग से भुगतान नहीं होने पर ज्यादातर मामलों में लोगों को दोगुना टोल देना पड़ता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से अक्टूबर 2025 में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसके मुताबिक, किसी कार्यशील पर्याप्त बैलेंस वाले फास्टैग से टोल टैक्स मशीन की खराबी के कारण नहीं हो पाता है तो उस वाहन मालिक को बिना किसी फीस के प्लाजा पार करने की अनुमति होगी और उसके लिए शून्य-लेनदेन रसीद जारी की जाएगी।
तरीका
टोल मांगेंने पर अपनाएं ये तरीके
अगर, आपसे मशीन में खराबी के कारण भुगतान नहीं होने पर शून्य लेनदेन की रसीद की जगह टोल का भुगतान करवाया जाता है तो टोल प्लाजा पर प्रबंधक के पास लिखित में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की हेल्प लाइन पर भी इसकी जानकारी देकर शिकायत की जा सकती है। फास्टैग काम नहीं करने पर UPI से भी टोल का भुगतान कर सकते हैं, लेकिन 1.25 गुना टोल देना पड़ता है।