बीच रास्ते इंजन हो जाए ओवरहीट तो करें ये काम, टल जाएगा बड़ा नुकसान
क्या है खबर?
गर्मी दस्तक देने के साथ ही कारों में कई तरह की परेशानियां शुरू हो गई हैं। तापमान बढ़ने पर AC के कारण केबिन भले ठंडा रहता है, लेकिन इंजन आग उगलने लगता है। ऐसे में अगर आप कार को लगातार चलाते रहेंगे तो इंजन ओवरहीट हो सकता है, जिससे बीच सफर में अड़चन आ सकती है। इन हालातों में आपका घबरा जाना लाजिमी है और समझ नहीं आता कि क्या करें? आइये जानते हैं इंजन ओवरहीट होने पर क्या करें।
कारण
इन कारणों से ओवरहीट हो सकता है इंजन
कार को बिना रोके लंबे समय तक चलाने से इंजन के ओवरहीट होने की समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा दूसरा सबसे बड़ा कारण गर्म मौसम में कार को चलाने पर भी इंजन का तापमान सामान्य से ज्यादा हो सकता है। बाहरी वातावरण के अधिक तापमान के कारण इंजन गर्म हो जाता है और लगातार चलने से और ज्यादा तप जाता है। इन दोनों कारणों के अलावा तीसरी वजह कूलेंट सिस्टम का लीकेज होना है।
ब्रेक
ड्राइविंग से लेना चाहिए ब्रेक
अगर, कार के डेशबोर्ड पर इंजन का तापमान बढ़ता हुआ दिख रहा है तो ड्राइविंग रोक देनी चाहिए। कार को छायांदार स्थान पर पार्क कर कुछ देर के लिए ब्रेक लेना सही रहता है। ड्राइव करते हुए आपको इंजन बहुत ज्यादा गर्म होने का संकेत मिले तो तुरंत AC को बंद करके हीटर चला दीजिए। हीटर, इंजन से अतिरिक्त गर्मी को खींचकर केबिन तक पहुंचाने में मदद करता है। इस दौरान गाड़ी किनारे पर पार्क कर इंजन बंद कर दीजिए।
सावधानी
ये गलतियां करने से बचें
कार से धुआं निकलने पर चेक करने के लिए बोनट खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। इंजन बंद करने के कम से कम 30 मिनट बाद इसका प्रयास करें। बोनट तुरंत खोलने से अंदर की भाप गंभीर जलन पैदा कर सकती है। जब आप हुड खोलें तो गर्म इंजन पर ठंडा पानी डालने से बचें। इससे अचानक तापमान बदल जाएगा और इंजन के जरूरी हिस्से टूट सकते हैं। इंजन का तापमान सामान्य होने पर पानी डालकर इसे ठंडा करें।
जांच
इन हिस्सों की करें जांच
इंजन ठंडा होने के बाद कूलेंट लेवल चेक करें। अगर, ये कम दिखें तो समझ जाइये कि ये ही इंजन गर्म होने की वजह था। कार के नीचे हरे, नीले या नारंगी जैसे रंगीन तरल पदार्थ दिखे तो कूलेंट लीकेज का संकेत है। रेडिएटर होज को दबाएं और चेक करें कि कहीं यह फटा या ढीला तो नहीं है। साथ ही पानी के पंप को चलाने वाली सर्पिन बेल्ट भी देखें। इसमें खराबी से भी इंजन ओवरहीट हो सकता है।
समाधान
ये कर सकते हैं उपाय
आपके पास कूलेंट उपलब्ध है तो इंजन के पूरी तरह ठंडा होने पर कूलेंट बॉक्स को भर दें। फिर कार को रीस्टार्ट कर तापमान गेज पर नजर डालें। अगर, तापमान सामान्य हुआ तो सावधानी से ड्राइव करते हुए नजदीकी मैकेनिक या सर्विस सेंटर पर चले जाएं। कूलेंट नहीं है तो इंजन के ठंडा होने पर रीस्टार्ट करने का रिस्क न लीजिए, क्योंकि इससे इंजन फेल हो सकता है। कार को टो करके मैकेनिक के पास या सर्विस सेंटर लेकर जाइए।