
मर्सिडीज-बेंज भारत के प्लांट से पूरा कर रही विदेशों की मांग, SUVs का पहला बैच भेजा
क्या है खबर?
लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने भारत में बनने वाली गाड़ियों के निर्यात में तेजी लाने के लिए अपनी प्रोडक्शन क्षमता काे बढ़ा दिया है।
हाल ही में कंपनी ने चाकन प्लांट में बनी SUVs का एक बैच यूरोप में भेजा है।
दूसरी तरफ, भारत सरकार भी यूरोप और ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते को शुरू करने और टेस्ला जैसी कंपनियों को देश में एंट्री कराने के लिए इलेक्ट्रिक कारों पर आयात कर घटाने की योजना बना रही है।
चालक प्लांट
चाकन प्लांट की 20,000 यूनिट की है क्षमता
यूरोप में निर्यात किया गया वाहन GLE SUV है। हालांकि, बैच में कितनी यूनिट शामिल है, इसका खुलासा नहीं किया गया है।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया पुणे के चाकन प्लांट में अपनी सालाना 20,000 यूनिट क्षमता का 85-90 प्रतिशत तक उपयोग कर रही है।
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने पिछली कुछ तिमाहियों में तीन शिफ्ट में भी काम किया है। जर्मन कार निर्माता के लिए भारत एक मॉडल असेंबली बेस रहा है।
दूसरा मौका
दूसरी बार निर्यात के लिए भारतीय प्लांट का किया इस्तेमाल
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "चाकन में हमारा विश्व स्तरीय मैन्युफैक्चरिंग प्लांट एक व्यापक वाहन रेंज का उत्पादन करता है।"
उन्होंने बताया कि मर्सिडीज-बेंज कारों का उत्पादन नेटवर्क लचीला और कुशल है, जिससे वैश्विक मांग के अनुसार, अधिकतम क्षमता का उपयोग किया जा सकता है।
पिछले 5 सालों में यह दूसरी बार है जब कंपनी ने वैश्विक बाजारों में आपूर्ति के लिए भारत में असेंबली प्लांट का लाभ उठाया है। उसने 2018 में GLC का अमेरिका निर्यात किया था।