
इलेक्ट्रिक गाड़ियों से भी होगी पहाड़ों की सैर, हिमाचल में खुला सबसे ऊंचा EV चार्जिंग स्टेशन
क्या है खबर?
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में 23 सितंबर को दुनिया का सबसे ऊंचा EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है।
यह पुणे की एक कंपनी गोईगोनेटवर्क (goEgoNetwork) द्वारा लगाया गया है। कंपनी ने काजा में दो और चार पहिया वाहनों के लिए दो EV चार्जर स्थापित किए गए हैं।
इससे न सिर्फ पहाड़ों में इलेक्ट्रिक वाहनों पर राइडिंग करने की चाहत रखने वालों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि इससे प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा।
जानकारी
क्यों खास है यह चार्जिंग स्टेशन?
हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी के काजा में यह EV चार्जिंग स्टेशन 3,720 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो दुनिया में अब तक का सबसे ऊंचा चार्जिंग स्टेशन है।
घाटी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने स्थानीय प्रशासन को दो इलेक्ट्रिक स्कूटर भी उपलब्ध कराए हैं।
आपको बता दें कि काजा लेह से अधिक ऊंचाई पर स्थित है, जहां सर्दियों में तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाता है।
जानकारी
और भी स्टेशन लगाए जा सकते हैं घाटी में
सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पर्यटक अक्सर स्पीति घाटी में EV चार्जिंग स्टेशनों की कमी की शिकायत करते हैं। इसलिए घाटी में पहला स्टेशन लगाया गया है। अगर स्टेशन को अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो ऐसे और स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
बेनेफिट
चार्जिंग स्टेशन से कैसे मिलेगी मदद?
काजा में लगे चार्जिंग स्टेशन से तय की गई दूरी का अनुमान लगाने के लिए मनाली से काजा तक दो राइडर ने इलेक्ट्रिक स्कूटर पर राइडिंग की।
राइडर्स के अनुसार, 4,551 मीटर में फैले कुंजुम दर्रा पार करते समय ई-स्कूटर को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मनाली से काजा तक 320 किमी की दूरी उन्होंने तीन से चार पॉइंट पर स्कूटर को चार्ज करके तय की है।
टिप्पणी
लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी सही है इलेक्ट्रिक वाहन- राइडर
साफ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए दो महिला राइडर ने इलेक्ट्रिक स्कूटर पर मनाली से काजा तक की यात्रा की थी।
राइड करने वाली एक महिला ने कहा कि इस स्टेशन में चार्जर सहित सभी उत्पाद भारत में बने हैं। साथ ही यह एक मिथक है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर लंबी दूरी की यात्रा कवर नहीं की जा सकती है।
इसलिए, दोनों राइडर इस दूरी को ई-स्कूटर से पूरा करके इस बात को गलत साबित करना भी चाहती थी।