बजट 2026: ऑटोमोबाइल उद्योग क्या लगा रहा उम्मीदें?
क्या है खबर?
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में GST दरों में बदलाव, ब्रिटेन और हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते ने ऑटोमोबाइल उद्योग में सकारात्मक माहौल बनाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार (1 फरवरी) को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने वाली हैं। ऐसे में ऑटो क्षेत्र को इस बजट से कई उम्मीद है, जिसमें स्थानीय स्तर पर निर्माण को बढ़ावा देना है। आइये जानते हैं आगामी केंद्रीय बजट से ऑटो उद्योग को क्या उम्मीदें हैं।
स्थानीय
स्थानीय उत्पादन को समर्थन की मांग
ऑटोकार प्रोफेशनल से बातचीत में स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष अरोरा ने कहा कि स्थानीय उत्पादन को निरंतर समर्थन मिलना चाहिए। घरेलू विनिर्माण को निरंतर समर्थन और सड़क एवं परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन में वृद्धि प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया कि केंद्रीय बजट में सीमा शुल्क सुधारों के अगले चरण पर नए सिरे से जोर दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू शुल्क संरचना को युक्तिसंगत बनाने से घरेलू विनिर्माण और प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
इलेक्ट्रिक वाहन
इलेक्ट्रिक वाहनों कंपोनेंट्स पर शुल्क कम करने की मांग
JSW MG मोटर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा ने इलेक्ट्रिक वाहन कंपोनेंट्स पर शुल्क को युक्तिसंगत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपेक्षा करते हैं कि सरकार EVs को अपनाने में तेजी लाने के लिए उपभोक्ता-केंद्रित प्रोत्साहनों और योजनाओं को और मजबूत करे। साथ ही विनिर्माण के स्थानीयकरण को अधिक समर्थन देना भी आवश्यक है। वोल्वो की प्रबंध निदेशक ज्योति मल्होत्रा ने वैश्विक निर्माताओं के लिए प्रोत्साहन की मांग की है।
PLI
PLI योजना के विस्तार की उम्मीद
बजट में EV यूजर्स के लिए एकीकृत सुपर ऐप पर अपडेट दिया जा सकता है, जो PM E-ड्राइव योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर तैनाती की निगरानी के लिए रीयल-टाइम स्लॉट बुकिंग, भुगतान एकीकरण, चार्जर उपलब्धता स्थिति की सुविधा प्रदान करेगा। बैटरी रीसाइक्लिंग तकनीक और EV चार्जिंग उपकरण को भी उत्पाद-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के अंतर्गत लाया जा सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन के स्पेयर पार्ट्स और मरम्मत पर कर में कमी और कंपोनेंट निर्माताओं को रियायतें देने की उम्मीद है।