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जाकिर नाइक ने लड़कियों की शिक्षा पर किया तालिबान का बचाव, 3 देशों ने की आलोचना
जाकिर नाइक ने लड़कियों की शिक्षा पर किया तालिबान का बचाव

जाकिर नाइक ने लड़कियों की शिक्षा पर किया तालिबान का बचाव, 3 देशों ने की आलोचना

Oct 31, 2026
06:53 pm

क्या है खबर?

विवादास्पद भारतीय इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक एक बार फिर अपने बयानों को लेकर बड़े विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में नाइक ने अफगानिस्तान में लड़कियों की उच्च शिक्षा पर तालिबान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से बचाव किया है। उनके इस बयान की भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और आम नागरिकों ने कड़ी आलोचना की है।

बयान

नाइक ने क्या दिया बयान?

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप में नाइक ने दावा किया, "मीडिया में आने वाली हर बात सच नहीं होती। तालिबान ने लड़कियों के लिए माध्यमिक और उच्च शिक्षा को केवल 'स्थगित' किया है, न कि प्रतिबंधित। कक्षा 6 तक की प्राथमिक शिक्षा अभी भी खुली है, लेकिन सुरक्षित माहौल और महिला शिक्षकों की कमी के कारण उच्च शिक्षा रुकी हुई है। अगर कोई सही शिक्षक मिलने तक शिक्षा में देरी करता है, तो इसमें कोई समस्या नहीं है।"

आलोचना

जियाउद्दीन यूसुफजई ने की नाइक के बयान की आलोचना

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के पिता और शिक्षा कार्यकर्ता जियाउद्दीन यूसुफजई ने नाईक के बयान की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, 'डॉ जाकिर नाइक जैसे वैश्विक स्तर के प्रमुख इस्लामिक विद्वान को लड़कियों की शिक्षा से तालिबान के व्यवस्थित निष्कासन को सही ठहराते देखना बेहद चिंताजनक और निराशाजनक है। एक अनिश्चितकालीन प्रतिबंध को केवल 'स्थगित' करना बताना और महिला शिक्षकों की कमी का हवाला देना कोई विश्वसनीय बचाव नहीं है।'

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कटाक्ष

अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सोलेमानखिल ने तीखा कटाक्ष

अफगानिस्तान की निर्वासित महिला सांसद मरियम सोलेमानखिल ने लिखा, 'जाकिर नाइक के अनुसार, अफगान लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। वे तो बस महिला शिक्षकों का इंतजार कर रही हैं। वही महिला शिक्षक जिन पर तालिबान ने खुद काम करने से प्रतिबंध लगा रखा है? बेहतरीन लॉजिक है डॉक्टर!'

उन्होंने लिखा, 'साफ है कि जब स्त्री-द्वेष पगड़ी पहन लेता है, तो कुछ विद्वान अचानक सोचने-समझने की क्षमता खो देते हैं। जाकिर नाइक आपको शर्म आनी चाहिए।'

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हमला

भारतीय इतिहासकार डॉ रुचिका शर्मा ने भी बोला हमला

भारतीय इतिहासकार डॉ रुचिका शर्मा ने कहा, "धर्म के ऐसे ठेकेदार बेहद अनैतिक प्राणी होते हैं। कल्पना कीजिए कि आप पूरी ताकत से इसके खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं और अफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा पर लगे भयानक प्रतिबंध की निंदा करने के बजाय मुसलमानों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल इसे सही ठहराने में कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यह दुनिया में मानवाधिकारों के सबसे बड़े और सबसे घटिया उल्लंघनों में से एक है!"

सच्चाई

UNICEF के आंकड़े खोलते हैं पोल

नाइक के 'सुरक्षा और केवल स्थगन' के दावों के विपरीत UNICEF के आधिकारिक आंकड़े जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करते हैं।

साल 2021 में तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद से अब तक 26 लाख से अधिक अफगान लड़कियों को माध्यमिक शिक्षा से वंचित कर दिया गया है।

अफगानिस्तान वर्तमान में दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां लड़कियों और महिलाओं के लिए माध्यमिक और उच्च शिक्षा के दरवाजे पूरी तरह से बंद हैं।

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