ईरान में अयातुल्ला खामेनेई को मौत के 7 सप्ताह बाद भी क्यों नहीं दफनाया गया?
क्या है खबर?
अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को 7 सप्ताह बीच चुके हैं, लेकिन उनके शव को अभी तक नहीं दफनाया गया है। ईरान ने भी इस पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। खबरों के अनुसार, धार्मिक संस्था अस्तन कुद्स रजवी ने हाल ही में बताया कि खामेनेई के दफन स्थल को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ऐसे में आइए इस देरी का कारण जानते हैं।
मौत
कैसे हुई थी अयातुल्ला की मौत?
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में अयातुल्ला के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था। उस समय वह कार्यालय में ही मौजूद थे। उस हमले में अयातुल्ला के अलावा उनकी बेटी, दामाद, पोती और बहू के साथ कई शीर्ष ईरानी अधिकारियों की भी मौत हो गई थी। सबसे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि की थी। बाद में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने भी इसे स्वीकार किया था।
सवाल
अब तक क्यों नहीं दफनाया गया अयातुल्ला का शव?
इस घटना को 7 सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी अयातुल्ला के शव को नहीं दफनाया गया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, इमाम रजा के पवित्र तीर्थस्थल का प्रबंधन करने वाले अस्तन कुद्स रजावी फाउंडेशन ने शनिवार (18 अप्रैल) को कहा कि पूर्वोत्तर शहर मशहद में पूर्व सर्वोच्च नेता को दफनाने के लिए सटीक स्थान को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। तुर्कमेनिस्तान की सीमा पर स्थित मशहद, खामेनेई का गृह नगर है।
सुरक्षा
सुरक्षा चिंता समेत कई अन्य कारण भी आए सामने
खबरों के मुताबिक, ईरान के आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला को सुरक्षा चिंताओं समेत कई कारणों से भी नहीं दफनाया गया है। उनके अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। 1989 में उनके पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के राजकीय अंतिम संस्कार में भी लाखों ईरानी उमड़े थे। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के वरिष्ठ फेलो बेहनम तालेब्लू ने बताया कि युद्धविराम के बीच इस तरह का भव्य स्मारक सेवा आयोजित नहीं किया जा सकता है।
डर
ईरानी प्रशासन में है डर का माहौल
विशेषज्ञ के अनुसार, संभावित इजरायली बमबारी सहित कई कारणों से ईरान समारोह आयोजित करने से बच रहा है। इसके अलावा, इस वर्ष की शुरुआत में ईरानी शासन के खिलाफ देखे गए विरोध प्रदर्शनों के समान राष्ट्रवादी जवाबी रैलियां भी हो सकती हैं। तेहरान को अंतिम संस्कार में मौजूदा सर्वोच्च नेता और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण भी देना होगा, जिन्हें पिछले महीने की शुरुआत के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।
योजना
अयातुल्ला को दफनाने में क्या है ईरान की योजना?
ईरान की अयातुल्ला को मशहद में दफनाने की योजना है, जो काफी महत्वपूर्ण है। इस शहर में शिया इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक इमाम रजा का मकबरा स्थित है। 9वीं शताब्दी में निर्मित यह मकबरा हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता को इस तीर्थस्थल के पास दफनाया जा सकता है, जहां भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है जो धर्मगुरु की कब्र की भी रक्षा करेगी।
स्थगन
एक बार स्थगित किया जा चुका है अयातुल्ला का अंतिम संस्कार
मार्च की शुरुआत में अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा देश भर में किए गए भीषण हमलों के कारण ईरान के अधिकारियों को खामेनेई के 3 दिवसीय अंतिम संस्कार समारोह को स्थगित करना पड़ा था। उस समय एक अधिकारी ने कहा था कि तेहरान के एक प्रार्थना परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कई लोगों ने अनुरोध किया था और इसके लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया था। उसके बार समारोज में हजारों लोग एकत्र हुए थे।