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जापान के बाद नेपाल ने भी भारतीय आमों पर लगाया प्रतिबंध, क्या है वजह?
नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है

जापान के बाद नेपाल ने भी भारतीय आमों पर लगाया प्रतिबंध, क्या है वजह?

लेखन आबिद खान
Jun 10, 2026
02:48 pm

क्या है खबर?

नेपाल ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा गया कि भारतीय आमों में कथित तौर पर अधिक मात्रा में कीटनाशक पाए जाते हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में क्वारेंटाइन सुविधाओं की भी कमी है। नेपाल ने ये कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब दोनों देशों में सीमा विवाद समेत कुछ मुद्दों पर असहमतियां सामने आई हैं। आइए विवाद समझते हैं।

रिपोर्ट

रिपोर्ट में दावा- अप्रैल से ही लागू प्रतिबंध

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल सरकार ने भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिनमें अत्यधिक कीटनाशक पाए गए थे और इसका कारण सीमावर्ती क्षेत्रों विशेष रूप से मधेस प्रांत में क्वारेंटाइन सुविधाओं का अभाव था। नेपाल के कृषि और पशुधन मंत्रालय द्वारा लगाए गए ये प्रतिबंध कथित तौर पर अप्रैल-मई से लागू हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से गर्मियों में भारत के आम निर्यात को बड़ा झटका लगेगा।

नेपाल

कदम का नेपाल पर क्या असर होगा?

नेपाल में आम की पैदावार होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। नेपाली अधिकारियों का कहना है कि भारतीय आमों पर प्रतिबंध से घरेलू फलों की किस्मों को फायदा होगा। मधेस प्रांत के भूमि प्रबंधन, कृषि और सहकारिता मंत्रालय के प्रवक्ता मनीष कुमार पाल ने द राइजिंग नेपाल को बताया कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित, 'स्वास्थ्यवर्धक फलों' के लिए अधिक अवसर मिलेंगे।

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भारत

भारत पर क्या होगा असर?

भारत में हर साल 24 अरब टन आम का उत्पादन होता है। इसमें से लगभग 32,000 अरब टन निर्यात किया जाता है। हालांकि, नेपाल भारतीय आम निर्यातकों के बड़े बाजारों में से नहीं है, लेकिन यह प्रतिबंध अल्फोंसो, दशहरी, चौसा, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी किस्मों के आम निर्यात को बाधित कर सकता है। भारत सबसे ज्यादा आम अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगडम (UK), नीदरलैंड और सऊदी अरब को भेजता है।

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कमी

प्रतिबंध के बाद नेपाल में आम की कमी की खबरें

प्रतिबंध के बाद काठमांडू में आम की कीमत 100 से 150 नेपाली रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। कई जगहों पर आम की किल्लत सामने आ रही है। फ्रूट एंड वेजिटेबल ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव भुवनेश्वर पूर्वे का कहना है कि नेपाल में आम का सीजन सिर्फ 2 महीने ही रहता है, ऐसे में भारतीय आमों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से बाजार में आम की भारी किल्लत हो जाएगी।

जापान

जापान ने भी लगाया था भारतीय आमों पर प्रतिबंध

पिछले महीने जापान ने भी भारत से आम के आयात पर रोक लगा दी थी। मार्च में जापान के अधिकारियों की एक टीम ने उत्तर प्रदेश के रहमानपुर का दौरा किया था और उपचार सुविधाओं में संबंधित कीटाणुशोधन उपायों में कमियां पाई थीं। इसके बाद आमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लगभग 2 दशकों में यह पहली बार है जब जापान ने भारतीय आमों पर रोक लगाई है।

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