सऊदी अरब ने भारत समेत 40 देशों से मुर्गी उत्पादों के आयात पर क्यों लगाया प्रतिबंध?
क्या है खबर?
सऊदी अरब ने मुर्गी और अंडों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने और जनस्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूती के लिए ठोस कदम उठाए हैं। सरकार ने भारत सहित 40 देशों से मुर्गी और अंडों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्ण प्रतिबंध के अलावा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, इटली, बेल्जियम और भूटान समेत 16 देशों के कुछ राज्यों या शहरों से आयात पर आंशिक प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में आइए सऊदी अरब सरकार के इस कदम के पीछे का कारण जानते हैं।
देश
किन देशों पर लगाया गया है प्रतिबंध?
सऊदी अरब सरकार ने भारत के साथ अफगानिस्तान, अजरबैजान, जर्मनी, इंडोनेशिया, ईरान, बोस्निया और हर्जेगोविना, बुल्गारिया, बांग्लादेश, ताइवान, जिबूती, दक्षिण अफ्रीका, चीन, इराक, घाना, फिलिस्तीन, वियतनाम, कंबोडिया, कजाकिस्तान, कैमरून, दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया, लाओस और लीबिया से आयात पर प्रतिबंध लगाया है। इसी तरह म्यांमार, यूनाइटेड किंगडम (UK), मिस्र, मैक्सिको, मंगोलिया, नेपाल, नाइजर, नाइजीरिया, हांगकांग, जापान, बुर्किना फासो, सूडान, सर्बिया, स्लोवेनिया, कोटे डी आइवर और मोंटेनेग्रो पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
जानकारी
इन 16 देशों पर लगाया गया है आंशिक प्रतिबंध
सऊदी अरब सरकार ने 40 देशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, इटली, बेल्जियम, भूटान, पोलैंड, टोगो, डेनमार्क, रोमानिया, जिम्बाब्वे, फ्रांस, फिलीपींस, कनाडा, मलेशिया, ऑस्ट्रिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से आयात पर आंशिक प्रतिबंध लगाए हैं।
कारण
सऊदी अरब ने क्यों उठाया यह कदम?
सऊदी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण (SFDA) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और घरेलू खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एहतियाती उपायों के तहत यह प्रतिबंध लागू किए हैं। SFDA ने कहा, "यह निर्णय जन स्वास्थ्य की रक्षा करने और स्थानीय बाजार में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह कदम सऊदी अरब में संक्रामक पशु रोगों के प्रवेश को रोकने के लिए बनाए गए सख्त जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप भी हैं।"
चयन
सरकार ने प्रतिबंध के लिए कैसे किया देशों का चयन?
SFDA अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित देशों की सूची का चयन अंतरराष्ट्रीय रोग निगरानी रिपोर्टों और जोखिम आकलन के आधार पर किया गया है। इनमें मुख्य रूप से अत्यधिक संक्रामक एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) का प्रकोप शामिल है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध उन देशों से आयातित अंडे और मुर्गी उत्पादों पर लागू किया गया है, जहां से देश के पशु स्वास्थ्य को संभावित रूप से सबसे अधिक खतरा हो सकता है।
स्पष्टीकरण
छूट प्राप्त उत्पादों पर स्पष्टीकरण
सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि ताप उपचारित और पूर्णतः संसाधित मुर्गी उत्पादों के आयात को प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, उनके शिपमेंट पर वैध पशु चिकित्सा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की गहन जांच की जाएगी। आयात के लिए उत्पादों को सभी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का अनुपालन करना होगा, जिसमें निर्यातक देश से आधिकारिक प्रमाण पत्र होना भी शामिल है और उनका उत्पादन सऊदी नियामकों द्वारा अनुमोदित सुविधाओं के अनुसार ही किया गया होना चाहिए।
प्रभाव
सऊदी अरब के इस फैसले का भारत पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतिबंध क्षेत्रीय व्यापार प्रवाह को अस्थायी रूप से बाधित कर सकता है, खासकर उन निर्यातकों के लिए जो सऊदी बाजार पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इनमें भारत भी प्रमुख रूप से शामिल है। अब भारतीय निर्यातकों और व्यापार अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे प्रतिबंध के प्रभाव का मूल्यांकन करें और शिपमेंट की समीक्षा करें। इस कदम से सऊदी अरब के संशोधित किए गए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित होगा।
कारोबार
कितना है भारतीय मुर्गी निर्यात?
वाणिज्यिक खुफिया एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCIS) के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में भारत का मुर्गी निर्यात दोगुना बढ़कर लगभग 15 करोड़ डॉलर (करीब 1,350 करोड़ रुपये) पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह मध्य पूर्व देशों में अंडों की मजबूत मांग रही है। पिछले साल यह निर्यात 7.10 करोड़ डॉलर (करीब 640 करोड़ रुपये) था। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान जैसे देशों से मजबूत मांग के कारण भारत के पोल्ट्री निर्यात में बढ़ोतरी हुई है।
चिंता
दुनियाभर में है बर्ड फ्लू को लेकर चिंताएं
सऊदी अरब द्वारा आयात पर लगाए गए नए प्रतिबंध बर्ड फ्लू को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच आए हैं, जिसके चलते आयात की कड़ी निगरानी और संशोधित नियमों को लागू किया गया है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, एवियन इन्फ्लुएंजा या बर्ड फ्लू विश्व स्तर पर तेजी से चिंता का विषय बना है। विशेषज्ञ अगले मानव इन्फ्लुएंजा महामारी के संभावित उद्भव की तैयारी कर रहे हैं। अब तक केवल इन्फ्लुएंजा-A ही महामारी फैलाने में सक्षम साबित हुआ है।