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डूरंड रेखा पर तनाव: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुला युद्ध' क्यों घोषित किया?
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुला युद्ध' घोषित कर दिया है

डूरंड रेखा पर तनाव: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुला युद्ध' क्यों घोषित किया?

Feb 27, 2026
02:41 pm

क्या है खबर?

भारत के साथ पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' में उलझने के बाद अब पाकिस्तान एक बार फिर युद्ध में उलझ गया है। इस बार उसकी लड़ाई पड़ोसी अफगानिस्तान की तालिबान नेतृत्व वाली सरकार के साथ है। पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' शुरू किया। दोनों देशों के बीच कई महीनों से झड़पें हो रही थीं, जिन्हें पाकिस्तान अपनी धरती पर हमले कहता है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अब अफगानिस्तान के खिलाफ 'खुला युद्ध' घोषित कर दिया है।

हमला

अफगानिस्तान ने गुरुवार रात किए पाकिस्तान पर हमले

यह सब गुरुवार रात करीब 8 बजे शुरू हुआ, जब तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार ने डूरंड रेखा के पास पाकिस्तान पर हमला कर दिया। तालिबान प्रशासन ने इसे गत 22 फरवरी को पाकिस्तानी सेना की ओर से अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर किए गए हवाई हमलों का जवाब बताया है। तालिबान के अनुसार, उन हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में उसने जवाबी कार्रवाई की है।

बयान

तालिबान के प्रवक्ता ने जारी किया बयान

अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर लिखा, 'पाकिस्तानी सेना की ओर से बार-बार की गई उकसावे की कार्रवाई और उल्लंघनों के जवाब में विवादित डूरंड रेखा पर बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान शुरू किए गए हैं।' अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके अभियान के तहत 6 प्रांतों में सीमा के पास हमले किए गए थे। यह लड़ाई लगभग 4 घंटे तक चली और आधी रात को समाप्त हो गई।

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नुकसान

तालिबान ने किया 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा

तालिबान प्रशासन ने हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने, 19 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर भी कब्जा करने, 23 सैनिकों को जिंदा पकड़ने, 4 पाकिस्तनी चौकियों को खाली कराने, एक विमान और टैंक को नष्ट कर करने के साथ दर्जनों हल्के और भारी हथियार लूटने और एक इंटरनेशनल हार्वेस्टर ट्रक को बंदी बनाने का भी दावा किया है। तालिबान ने झड़प में अपने 8 लड़ाकों की मौत होने और 11 घायल होने की पुष्टि की है।

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खारिज

पाकिस्तान ने तालिबान के दावों को किया खारिज

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने तालिबान के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मारे गए सैनिकों की संख्या 2 थी और 3 अन्य घायल हुए हैं। इसके उलट 36 अफगान लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ अली जैदी ने इस बात से भी साफ इनकार किया है कि तालिबानी लड़ाकों ने किसी भी पाकिस्तानी सैनिक को पकड़ा है।

ऑपरेशन

ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' क्या है?

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हमलों के बाद कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' शुरू कर दिया। इसमें डूरंड रेखा पर जवाबी कार्रवाई करते हुए तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह अभियान सीमा पार शत्रुता में हालिया वृद्धि के प्रति पाकिस्तान की सैन्य प्रतिक्रिया को दर्शाता है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ ने एक्स पर लिखा, 'हमारे सब्र की सीमा पार हो गई है। अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध छिड़ गया है।'

हमले

पाकिस्तान ने ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' के तहत कहां किए हमले?

पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक PTV के अनुसार, ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' के तहत पाकिस्तानी सेना ने लड़ाकू विमानों से काबुल, कंधार और पक्तिया में तालिबान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में काबुल में 2 ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट हो गए, जबकि कंधार में एक कोर मुख्यालय और एक ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट हो गया। कंधार में एक गोला-बारूद डिपो और रसद अड्डा नष्ट हो गया और पक्तिया में एक कोर मुख्यालय नष्ट हो गया।

दावा

पाकिस्तानी गृह मंत्री ने किया 133 तालिबानी लड़ाकों की मौत का दावा

पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने दावा किया है कि ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' में 133 तालिबानी लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। उन्होंने 27 तालिबान चौकियों को नष्ट करने और 9 चौकियों पर कब्जा करना भी बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'कायर दुश्मन ने रात के अंधेरे में हमला किया। तालिबान ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का घिनौना प्रयास किया। उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हम अपनी सुरक्षा को खतरे में नहीं पड़ने देंगे।'

बयान

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने भी जारी किया बयान

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा, "हमारी सशस्त्र सेनाओं की प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक है। जो लोग हमारी शांति को कमजोरी समझने की कोशिश करेंगे, उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा और कोई भी बच नहीं पाएगा।" पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज ने भी सेना की प्रशंसा करते हुए एक्स पर लिखा, "प्यारे वतन की रक्षा में कोई समझौता नहीं होगा और हर आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उनकी सेना हर स्थिति में सक्षम है।"

पृष्ठभूमि

पाकिस्तान और तालिबान के बीच महीनों से जारी है तनाव

पाकिस्तान और तालिबान के बीच अक्टूबर 2025 में घातक झड़पें हुई थी, जिनमें दर्जनों सैनिक, नागरिक और संदिग्ध आतंकवादी मारे गए थे। कतर की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच हुआ युद्ध विराम काफी हद तक कायम रहा है, लेकिन दोनों पक्षों ने सीमा पार छिटपुट गोलीबारी की है। नवंबर में हुए शांति वार्ता के कई दौर औपचारिक समझौते पर पहुंचने में विफल रहे। समझौते के बाद यह दोनों के बीच यह सबसे बड़ा संघर्ष है।

कारण

क्या है दोनों देशों के बीच तनाव का कारण?

दोनों देशों के बीच तनाव का मुख्य कारण सुरक्षा है। पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान पर अपने देश में पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के नेतृत्व वाले सशस्त्र समूहों को पनाह देने का आरोप लगा रहा है। TTP का उदय 2007 में हुआ था और यह तालिबान से अलग है, लेकिन इसके तालिबान के साथ गहरे वैचारिक, सामाजिक और भाषाई संबंध हैं। पाकिस्तान के लिए TTP एक गंभीर सुरक्षा चिंता है। 2025 में इसने पाकिस्तान में 1,000 से अधिक हिंसक घटनाएं की थी।

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