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कौन हैं एंडी बर्नहैम, जो लेबर पार्टी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री बनने के लिए करेंगे मुकाबला?
एंडी बर्नहैम लेबर पार्टी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री बनने के लिए करेंगे मुकाबला

कौन हैं एंडी बर्नहैम, जो लेबर पार्टी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री बनने के लिए करेंगे मुकाबला?

Jun 22, 2026
05:16 pm

क्या है खबर?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बढ़ते दबाव के बीच सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उन्होंने ऐसे समय पर पद छोड़ा है, जब ब्रिटेन में उनकी लोकप्रियता लगातार गिर रही थी और वे अपनी लेबर पार्टी और मंत्रिमंडल के भीतर आलोचनाओं से घिरे हुए थे। इसके बाद ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम ने लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी। आइए उनके बारे में जानते हैं।

दावेदारी

बर्नहैम ने कैसे पेश की दावेदारी?

स्टार्मर के इस्तीफा देने के बाद बर्नहैम ने एक्स पर लिखा, 'कीर स्टार्मर ने हमारे देश की बहुत सेवा की और मैं इस चुनौतीपूर्ण दौर में उनके नेतृत्व और समर्पण के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उनका यह निर्णय एक परिवर्तन की शुरुआत है। यह प्रक्रिया व्यवस्थित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से संचालित हो। मैं इस प्रक्रिया में अपना योगदान देने के लिए तैयार हूं। देश स्थिरता, गंभीरता और सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद करता है।'

प्राथमिकता

बर्नहैम ने बताई अपनी प्राथमिकताएं

बर्नहैम ने आगे लिखा, 'हमारी प्राथमिकता देश को उस मुकाम पर वापस लाने के लिए मिलकर काम करने की होनी चाहिए, जहां हम इसे देखना चाहते हैं। लोग आर्थिक विकास, जीवन यापन की लागत और भावी पीढ़ी के लिए अवसरों में प्रगति चाहते हैं। लेबर आंदोलन हमेशा तब सबसे मजबूत रहा है जब वह आत्मविश्वास और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि यह परिवर्तन हमारी पार्टी और हमारे देश के लिए नवीनीकरण की सकारात्मक प्रक्रिया हो।'

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परिचय

कौन हैं बर्नहैम?

बर्नहैम वर्तमान में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर हैं और लेबर पार्टी में स्टार्मर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखे जाते हैं। उनका जन्म जनवरी, 1970 में उत्तर-पश्चिमी इंग्लैंड के लिवरपूल और मैनचेस्टर के बीच स्थित एक छोटे से इलाके में हुआ था। उनके पिता ब्रिटिश टेलीकॉम में इंजीनियर थे और उनकी मां रिसेप्शनिस्ट थीं। उन्होंने किशोरावस्था में ही लेबर पार्टी में शामिल होकर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और 2001 में पहली बार संसद के लिए चुने गए।

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राजनीति

डेढ दशक तक सांसद रहे बर्नहैम

बर्नहैम डेढ़ दशक तक सांसद रहे। वह प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में पदोन्नति पाते हुए आगे बढ़े और 2007 से 2010 के बीच प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य सचिव समेत वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्होंने 2010 और 2015 में दो बार लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए चुनाव लड़ा और दोनों ही बार उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद उन्होंने मैनचेस्टर के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए वेस्टमिंस्टर छोड़ दिया।

उपनाम

बर्नहैम को मिला 'उत्तर का राजा' उपनाम

अपने 3 महापौर कार्यकाल के दौरान उन्होंने मैनचेस्टर के शहरी केंद्र के पुनरुद्धार की देखरेख की केंद्र सरकार से शक्तियों के अधिक विकेंद्रीकरण के लिए जोर दिया। कोरोना वायरस महामारी के दौरान किए गए कार्यों के लिए उन्हें 'उत्तर का राजा' उपनाम दिया गया। यह 'गेम ऑफ थ्रोन्स' से प्रेरित एक संकेत है, जो उनके गृह क्षेत्र के प्रति उनके समर्थन और उनकी स्पष्ट राजनीतिक महत्वाकांक्षा दोनों को दर्शाता है। उन्होंने कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की जमकर आलोचना की थी।

कार्यकाल

मेयर के रूप में कैसा रहा है बर्नहैम का कार्यकाल?

बर्नहैम ने 2017 से मेयर के रूप में ग्रेटर मैनचेस्टर क्षेत्र का नेतृत्व किया। उन्होंने उस शहर के तीव्र पुनरुद्धार की देखरेख की है जहां औद्योगिक क्रांति की नींव रखी गई थी। शहर का केंद्र तेजी से विकसित हुआ है और औद्योगिक क्षेत्र के बाद खाली पड़ी जगहों पर गगनचुंबी इमारतें खड़ी हो गई हैं। कई निवासी शहर के विकास के लिए उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने एक खंडित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सार्वजनिक नियंत्रण में ला दिया।

चुनौती

बर्नहैम ने संसदीय चुनाव में जीत दर्ज कर दी स्टार्मर को चुनौती

बर्नहम ने 18 जून, 2026 को मेकरफील्ड उपचुनाव शानदार जीत दर्ज करते हुए संसद में वापसी की। दरअसल, ब्रिटेन में दक्षिणपंथी रिफॉर्म UK पार्टी, लेबर पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है। स्टार्मर सरकार पर इससे मुकाबला न कर पाने का आरोप है। लेबर पार्टी ने यहां से बर्नहैम को मौका दिया और उन्होंने 55 प्रतिशत वोट हासिल करते हुए रिफॉर्म पार्टी के निगेल फराज को हरा दिया। इससे लेबर पार्टी का उन पर विश्वास और मजबूत हो गया।

मजबूती

बर्नहैम को स्टार्मर को चुनौती देने से मिली मजबूती

बर्नहैम ने लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए स्टार्मर को चुनौती देने के घोषित लक्ष्य के साथ चुनाव प्रचार किया था। उनकी जीत को कई लेबर सांसदों ने पार्टी को पुनर्जीवित कर पाने की उनकी शक्ति के रूप में देखा। उसके बाद उन्होंने बर्नहैम को पार्टी नेता बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके लिए मंत्रिमंडल समेत 100 सांसदों ने स्टार्मर से इस्तीफा देने की मांग की। ऐसे में बढ़ते विरोध का देखते हुए स्टार्मर ने पद छोड़ दिया।

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