युद्धविराम को लेकर ईरान-अमेरिका दोनों कर रहे 'जीत' के दावे, किसे-क्या हासिल हुआ?
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के लिए युद्धविराम लागू हो गया है। दोनों ही पक्ष इसे अपनी-अपनी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसके 10-सूत्रीय प्रस्ताव को मान लिया है, जिसमें दोबारा हमला न करने और प्रतिबंध हटान की शर्तें शामिल हैं। वहीं, अमेरिका का कहना है कि बदले में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेगा। आइए समझते हैं समझौते से किसे-क्या हासिल हुआ।
अमेरिका
अमेरिका अपनी 'जीत' को लेकर क्या दावे कर रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को 'पूर्ण और निर्णायक जीत' बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरी तरह से हासिल कर लिया है। ट्रंप ने लिखा, 'विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन! ईरान इसे चाहता है, वे बहुत परेशान हो चुके हैं! इसी तरह, बाकी सभी भी! ऐसा करने का कारण यह है कि हमने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पहले ही पूरा कर लिया है।'
अन्य बयान
ट्रंप बोले- हमने पूर्ण और निर्णायक जीत हासिल की
AFP से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पूर्ण और निर्णायक जीत हासिल की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, "हमने अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया है और कहीं आगे निकल गए हैं। हमारी सेना की सफलता ने हमें अधिकतम लाभ दिलाया, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को कठिन वार्ता में शामिल होने का मौका मिला, जिसने अब राजनयिक समाधान और दीर्घकालिक शांति के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।'
ईरान
ईरान क्या कह रहा है?
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने युद्धविराम को अमेरिकी आत्मसमर्पण का सबूत बताया। परिषद ने कहा, "हम ईरान के महान राष्ट्र को यह खुशखबरी देते हैं कि युद्ध के लगभग सभी उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, और आपके वीर पुत्रों ने दुश्मन को ऐतिहासिक रूप से असहाय और स्थायी रूप से पराजित कर दिया है। ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अपने अनुचित, गैरकानूनी और आपराधिक युद्ध में दुश्मन को निर्विवाद, ऐतिहासिक और करारी हार का सामना करना पड़ा है।"
फायदा
युद्धविराम से अमेरिका को क्या फायदा?
अमेरिका का तर्क है कि इस सैन्य अभियान ने ईरान की क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया है, उसके कई वरिष्ठ नेता मारे गए और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है। हालांकि, ईरान की शासन व्यवस्था या नेतृत्व परिवर्तन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसे ट्रंप ने शुरुआत में संभावित लक्ष्य बताया था। ईरान का दावा ये भी है कि अमेरिका ने उसकी लगभग सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है।
दबाव
क्या ट्रंप पर युद्ध रोकने का दबाव था?
ट्रंप ने युद्धविराम का ऐलान ऐसे समय किया, जब घरेलू स्तर पर उन पर काफी दबाव हैं। युद्ध के चलते अमेरिका में ईंधन की कीमतें और महंगाई बढ़ी है, जिससे लोग ट्रंप प्रशासन से नाराज हैं। हाल ही में ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग में भी गिरावट आई है। ट्रंप की खुद की पार्टी समेत अमेरिका का एक बड़ा तबका भी युद्ध के खिलाफ था। अमेरिका में नवंबर में मध्यावधि चुनाव होना है। इसके नतीजे युद्ध से प्रभावित हो सकते थे।
अस्पष्टता
युद्धविराम को लेकर कुछ चीजें स्पष्ट नहीं
इजरायल ने भी युद्धविराम को स्वीकार किया है और ईरान पर हमले रोक दिए हैं। हालांकि, इजरायल ने कहा कि ये युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता है। इजरायल ने आज दक्षिणी लेबनान में हमले किए, जिसमें कम से कम 4 लोग मारे गए। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि युद्धविराम लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लागू होगा। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य से टोल वसूली को लेकर भी विरोधाभासी खबरें हैं।