ईरान के खिलाफ जारी युद्ध कब समाप्त होगा? डोनाल्ड ट्रंप ने बताई योजना
क्या है खबर?
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त रूप से ईरान पर हमला करने के बाद पश्चिमी एशिया में तनाव बना हुआ है। इस युद्ध को शुरू हुए 10 दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक इसके खत्म होने का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने का निर्णय एक आपसी निर्णय होगा जो वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर ही लेंगे।
बयान
ट्रंप ने क्या दिया बयान?
ट्रंप ने द टाइम्स ऑफ इजराइल के साथ साक्षात्कार में कहा, "ईरान, इजरायल और उसके आसपास की हर चीज को नष्ट करने में जुटा था। हमने मिलकर काम किया है। हमने ऐसे देश को नष्ट कर दिया है जो इजरायल को नष्ट करना चाहता था।" युद्ध की समाप्ति पर उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह आपसी सहमति से होगा... थोड़ा-बहुत। हम बातचीत कर रहे हैं। "मैं सही समय पर फैसला लूंगा और सभी बातों को ध्यान में रखा जाएगा।"
संकेत
युद्ध की समाप्ति में ट्रंप का फैसला होगा अंतिम
ट्रंप के इस बयान से स्पष्ट है कि युद्ध की समाप्ति के फैसले में नेतन्याहू की राय मायने रखेगी, लेकिन अंतिम फैसला उनका ही रहेगा। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले रोकने के बाद भी इजरायल, ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रख सकता है, तो उन्होंने जवाब दिया, "मुझे नहीं लगता कि इसकी जरूरत होगी।" ऐसे में साफ है कि जब भी ट्रंप चाहेंगे यह युद्ध पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
धमकी
ट्रंप ने दी मोजतबा के खिलाफ कार्रवाई की धमकी
इससे पहले ट्रंप ने ईरान में विशेषज्ञों की सभा द्वारा अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नामित किए जाने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर व्हाइट हाउस की मंजूरी के बिना ईरान का अगला नेता चुना जाता है, तो वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा। इसी तरह रविवार को इजरायल ने भी नए सर्वोच्च नेता के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी है।
संकट
अयातुल्ला की हत्या के बाद मध्य-पूर्व में फैला तनाव
अमेरिका-इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए संयुक्त हमलों के बाद मध्य पूर्व में गहरा संकट पैदा हो गया है, जिसमें 86 वर्षीय आयतुल्ला खामेनेई और अन्य शीर्ष ईरानी नेता मारे गए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। इस संघर्ष में ईरान में 1,350 से अधिक और इजरायल में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसी तरह 7 अमेरिकी सैनिक भी शहीद हुए हैं।