#NewsBytesExplainer: क्या है साउथ पार्स गैस क्षेत्र, ईरान और पूरी दुनिया के लिए ये कितना अहम?
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका-इजरायल का युद्ध एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला कर दिया है। इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान गैस संयंत्र पर जवाबी हमला किया है। तनाव बढ़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इजरायल के हमले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। आइए पार्स गैस क्षेत्र के बारे में जानते हैं।
साउथ पार्स
क्या है साउथ पार्स गैस क्षेत्र?
साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ी ज्ञात प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिसे कतर और ईरान आपस में साझा करते हैं। ये फारस की खाड़ी के नीचे 9,700 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जिसका लगभग एक-तिहाई हिस्सा ईरान का साउथ पार्स है, जबकि कतर की तरफ वाले हिस्से को 'नॉर्थ डोम' या 'नॉर्थ फील्ड' कहते हैं। अनुमान है कि यहां 1,800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट प्राकृतिक गैस मौजूद है, जो दुनिया की जरूरतों को 13 साल तक पूरा कर सकती है।
अहमियत
ईरान के लिए कितना अहम है ये गैस क्षेत्र?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, ईरान की लगभग 80 प्रतिशत बिजली गैस से पैदा होती है और उस गैस का अधिकांश हिस्सा साउथ पार्स से आता है। यहां हमले से ईरान में ऊर्जा संकट और बदतर हो सकता है, क्योंकि यहां से ईरान के कुल गैस उत्पादन का 70 प्रतिशत हिस्सा आता है। ईरान बिजली उत्पादन और औद्योगिक ईंधन के लिए साउथ पार्स पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
ईरान
ईरान में कैसे होता है गैस क्षेत्र का प्रबंधन और संचालन?
दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र में ईरान का विशाल निष्कर्षण प्लेटफार्म और प्रसंस्करण नेटवर्क शामिल है। यहां से निकली कच्ची गैस को अस्सलुयेह और कंगन के पास पार्स विशेष आर्थिक ऊर्जा क्षेत्र में स्थित दक्षिण पार्स गैस कॉम्प्लेक्स में लाया जाता है, जहां इसे 13 प्रमुख रिफाइनरियों में प्रोसेस किया जाता है। इस क्षेत्र की राष्ट्रीय ईरानी तेल कंपनी द्वारा की जाती है, जिससे दक्षिण पार्स ईरान की घरेलू ऊर्जा आपूर्ति और औद्योगिक उत्पादन के लिए खास महत्व रखता है।
कतर
कतर के लिए कितनी है नॉर्थ डोम की अहमियत?
कतर के लिए नॉर्थ डोम उसके द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) उद्योग की रीढ़ है, जिससे सरकारी राजस्व का एक बड़ा हिस्सा आता है। यहां से निकाली गई गैस को रास लाफान औद्योगिक शहर में स्थित विशाल द्रवीकरण और प्रसंस्करण सुविधाओं तक पहुंचाया जाता है, जहां इसे शुद्ध और ठंडा कर LNG में परिवर्तित किया जाता है। कतर एनर्जी यहां वैश्विक कंपनियों के साथ संचालन करती है, जिसमें ट्रेनों से लेकर शोधन, भंडारण और निर्यात बंदरगाहों का बुनियादी ढांचा शामिल है।
विश्व
दुनिया के लिए कितना अहम है ये गैस क्षेत्र?
यह क्षेत्र न केवल ईरान और कतर की ऊर्जा अर्थव्यवस्थाओं के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहमियत रखता है। यही वजह है कि हमले की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड की कीमतें 5 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगर उत्पादन सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचता है, तो उन्हें ठीक होने में कई साल लग सकते हैं।
प्रतिक्रिया
इजरायली हमले पर क्या रही देशों की प्रतिक्रिया
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा, 'ईरान के साउथ पार्स फील्ड से जुड़े संयंत्रों को इजरायल द्वारा निशाना बनाना, क्षेत्र में मौजूदा सैन्य तनाव के बीच एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम है।" ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 'बेकाबू परिणामों' की चेतावनी दी, जिनका दायरा पूरी दुनिया को चपेट में ले लेगा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी धमकी दी कि अब खाड़ी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा और औद्योगिक प्रतिष्ठान जवाबी कार्रवाई के लिए वैध लक्ष्य हैं।