LOADING...
युद्ध की समाप्ति के लिए क्या हैं अमेरिका और ईरान की प्रमुख मांगें?
युद्ध की समाप्ति के लिए अमेरिका और ईरान की प्रमुख मांगें क्या हैं?

युद्ध की समाप्ति के लिए क्या हैं अमेरिका और ईरान की प्रमुख मांगें?

Apr 21, 2026
02:48 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों का युद्धविराम बुधवार (22 अप्रैल) को समाप्त होने वाला है। इसके बाद क्या होगा? सभी के दिमाग में यही सवाल चल रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को ईरान से संबंधित संभावित वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच रहे हैं, लेकिन ईरान के बातचीत के लिए सहमत होने पर अभी असमंजस बना हुआ है। ऐसे में आइए इस युद्ध की समाप्ति के लिए अमेरिका और ईरान की मांगों पर नजर डालते हैं।

रुख

बातचीत को लेकर क्या है ईरान का रुख?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलिबफ ने बाचतीत की संभावना न होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने लिखा, 'डोनाल्ड ट्रंप घेराबंदी थोपकर और युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए अपनी कल्पना में इस वार्ता की मेज को आत्मसमर्पण की मेज में बदलना चाहते हैं या नए सिरे से युद्ध छेड़ने को उचित ठहराना चाहते हैं। हम धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करते और पिछले 2 हफ्तों में हमने युद्ध में नए पत्ते खोलने की तैयारी कर ली है।'

जानकारी

ईरान बातचीत से क्यों बना रहा है दूरी?

ईरान 2 मुख्य कारणों से बातचीत में लौटने के लिए अनिच्छुक प्रतीत होता है। उसका दावा है कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है और समझौते के लिए उसकी अपनी मांगें अमेरिका की स्थिति से बहुत अलग हैं।

Advertisement

मांग

युद्ध की समाप्ति के लिए क्या हैं ईरान की मांगें?

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने एक 10 सूत्री ढांचा प्रस्तावित किया है, जिसे कथित तौर पर अमेरिका ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। प्रस्ताव में अमेरिका-ईरान के बीच एक गैर-आक्रामकता समझौता, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का निरंतर नियंत्रण, ईरान के परमाणु संवर्धन अधिकारों की मान्यता, अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना और तीसरे पक्ष के देशों को प्रभावित करने वाले द्वितीयक प्रतिबंध हटाना शामिल हैं।

Advertisement

अन्य

प्रस्ताव में ईरान की अन्य मांगे क्या हैं?

ईरान की ओर से दिए गए 10 सूत्रीय मांग प्रस्ताव में ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) बोर्ड के प्रस्तावों को रद्द करना, ईरान को युद्ध में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति देना, पूरे ईरानी क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और हिजबुल्लाह जैसे ईरान समर्थित समूहों सहित सभी मोर्चों पर शत्रुता का अंत करना शामिल है। हालांकि, इन मांगों पर अंतिम फैसला चर्चा के बाद ही हो सकता है।

शर्त

प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ने रखी अहम शर्त

ईरान ने अपने प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए भी एक अहम शर्त रखी है। ईरान का कहना है कि जब तक इजरायल की सेना लेबनान को निशाना बनाना बंद नहीं कर देती है, तब तक वह होर्मूज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलेगा। यह शर्त पूरी होने के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की घोषणा की थी, लेकिन इजरायल ने इसका उल्लंघन कर दिया था।

मांग

अमेरिका की क्या मांगें हैं?

ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी समझौता ईरान द्वारा अमेरिका की प्रमुख शर्तों को स्वीकार करने पर निर्भर करेगा। अमेरिका द्वारा ईरान से की गई 15 मांगों का सटीक विवरण ज्ञात नहीं है, लेकिन CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, वह ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता, अपने समृद्ध यूरेनियम का हस्तांतरण, ईरान की रक्षा क्षमताओं पर सीमाएं, क्षेत्रीय उग्रवादी समूहों का समर्थन न देना और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने पर भरोसा चाहता है।

आश्वासन

अमेरिका ने मांगे पूरी करने पर दिया इन चीजों का आश्वासन

अमेरिका ने ईरान को ये मांगें पूरी करने पर ​ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने, ​अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बैंकों में फ्रीज ईरानी संपत्ति को वापस करने और ​संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाने का आश्वासन दिया है। ​वर्तमान में पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता के बावजूद दोनों पक्ष कई बिंदुओं पर असहमत हैं, विशेष रूप से संवर्धन के अधिकार और युद्ध के मुआवजे को लेकर। ऐसे में स्थिति पेचीदा बनी हुई है।

कारक

इजरायल-लेबनान कारक भी है ईरान के बातचीत से दूर रहने का कारण

अमेरिका के साथ बातचीत से बचने के ईरान के प्रमुख कारणों में से एक लेबनान में इजरायल के लगातार हमले हैं। इजरायल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, लेकिन 17 अप्रैल तक लेबनान में कथित तौर पर 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके थे। हालांकि, ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के अस्थायी युद्धविराम में मध्यस्थता करने का दावा किया है, जिससे बातचीत की संभावना बनी हुई है।

Advertisement