अमेरिका ने ईरान पर भीषण हमला किया, बुशहर में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास धमाके
क्या है खबर?
अमेरिका ने जॉर्डन पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। उसने ईरान के कई शहरों में प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सेना ने सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल-ड्रोन सुविधाओं, तटीय निगरानी, सुरक्षा स्थल और समुद्री क्षमताओं पर गोलाबारी की है। अल जजीरा के मुताबिक, ईरान के केशम, किश, बंदर अब्बास, अबादान और बुशहर में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
धमाके
ईरान के परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने अमेरिकी हमलों के बाद बताया कि बुशहर प्रांत में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जहां ईरान का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
तसनीम न्यूज एजेंसी ने केशम द्वीप पर 3 विस्फोटों की सूचना दी, जहां एक मिसाइल इमारत पर गिरी थी। मलबे में कुछ लोग दब गए हैं।
खुज़ेस्तान प्रांत के अबादान में हमलों के बाद 3 स्थानों पर तेल रिसाव हुआ। यह क्षेत्र ईरान का तेल उद्योग का केंद्र माना जाता है।
हमला
मध्य पूर्व में तैनात हैं 50,000 सैनिक
CENTCOM ने बताया कि 28 जुलाई को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सेना पर अचानक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनको रोक दिया गया।
इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनका मकसद ईरान और उसके प्रॉक्सी से अमेरिकी सेना, वाणिज्यिक जहाजों और पड़ोसी खाड़ी देशों को होने वाले खतरे को और कम करना है।
CENTCOM ने बताया कि अभी मध्य पूर्व 50,000 से अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
चेतावनी
ट्रंप ने दी थी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 3 दिनों से शांति थी, लेकिन मंगलवार को जॉर्डन और सऊदी अरब पर हमले के बाद स्थिति बिगड़ गई।
इस जवाबी कार्रवाई में एक दिन पहले अमेरिका और सऊदी अरब की सेना ने इराक पर हमला किया, जिसमें उसके पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के 20 लड़ाके मारे गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि "हम उन पर बहुत जोरदार प्रहार करने वाले हैं क्योंकि अब हमारी बारी है।"
ट्विटर पोस्ट
हमले की वीडियो
CENTCOM says it struck dozens of targets in a “heavy wave” of airstrikes on Iran overnight in response to yesterday's Iranian missile attacks on U.S. forces.
— OSINTtechnical (@Osinttechnical) July 30, 2026
Newly released strike footage: pic.twitter.com/47V0nlAKFu