ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर अमेरिका-इजरायल का हमला, एक दिन में 25 मरे
क्या है खबर?
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सोमवार को अपना घातक हमला जारी रखा। ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस बीच, ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर को निशाना बनाया गया। इसे एक महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल संयंत्र बताया जा रहा है। यहां कई विस्फोट की आवाजें सुनी गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को ईरान में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई है।
हमला
देश के पेट्रोकेमिकल उत्पादन के लिए 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर हमला
ईरानी मीडिया एजेंसियों ने बताया कि असलुयेह स्थित संंयंत्र को बिजली, पानी और ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली कंपनियों पर हमला किया गया है। हालांकि, पार्स पेट्रोकेमिकल कंपनी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। एजेंसी ने यह भी बताया कि असलुयेह की सभी पेट्रोकेमिकल इकाइयों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बताया कि असलुयेह पर हमला करने से ईरान में पेट्रोकेमिकल उत्पादन पर लगभग 50 प्रतिशत असर पड़ेगा।
हमला
IRGC के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत
सोमवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत हो गई है। यह पुष्टि IRGC ने की है। इसके अलावा, 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध में अभी तक ईरान में 1,900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान में 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए युद्धविराम पर चर्चा जारी है।
आपूर्ति
दो और LPG टैंकर जहाज होर्मुज से गुजरे
केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि पिछले 2 दिनों में दो LPG टैंकर जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। जहाजरानी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने आगे बताया कि 433 भारतीय नाविकों को ले जा रहे 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं।