भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ से जुड़ा विधेयक अमेरिकी संसद में आगे बढ़ा
क्या है खबर?
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने उस विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए मतदान किया है, जो भारत समेत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का रास्ता साफ करेगा। सीनेटर लिंडसे ओ ग्राहम द्वारा लाए गए रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम 2026 को आगे बढ़ाने के पक्ष में 2 डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी मतदान किया। हालांकि, विधेयक पर अंतिम मतदान होना अभी बाकी है।
प्रस्ताव
भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव
विधेयक अगर कानून बना तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत समेत रूस के शीर्ष तेल आयातकों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा।
विधेयक में रूस के व्यापारिक साझेदारों के नाम नहीं हैं, बल्कि मात्रा के हिसाब से तेल और गैस के 5 सबसे बड़े आयातकों का जिक्र है। भारत भी इसमें शामिल है।
विधेयक में उन गुप्त जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है, जो रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं।
सीनेट
सीनेट से पारित हो चुका है विधेयक
7 अगस्त को ये विधेयक अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट से पारित हो चुका है। तब विधेयक के पक्ष में 86, जबकि विरोध में 11 वोट पड़े थे।
विधेयक में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित रूसी नेताओं, अधिकारियों और वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।
अगर विधेयक कानून बना तो 1996 का 'ईरान प्रतिबंध कानून' भी 2031 तक बढ़ जाएगा। इसके तहत उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी है, जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं।