ईरान के 30 तेल डिपो पर इजरायली हमलों से अमेरिका नाराज, कहा- यह क्या बकवास है?
क्या है खबर?
अमेरिका शनिवार को ईरान के 30 तेल डिपो पर किए गए इजरायली हमलों से बेहद नाराज है। यह हमले उसको दी गई इजरायल की पूर्व सूचना से काफी अधिक थे। एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस हमले ने 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध में इजरायल और अमेरिका के बीच पहली असहमति और मतभेद पैदा किया है। वाशिंगटन ने ऑपरेशन के पैमाने का पता चलने के बाद इजरायल को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "यह क्या बकवास है?"
बयान
इजरायल की सूचना से ज्यादा बड़ा था हमला
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इजरालयी रक्षा बलों (IDF) ने हमलों से पहले अमेरिकी सेना को सूचित कर दिया था, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सेना इस बात से हैरान थी कि वे कितने व्यापक थे। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "हमें नहीं लगता कि यह एक अच्छा विचार था।" एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि अमेरिका से संदेश आया, "यह क्या बकवास है।" हालांकि, आधिकारिक नाराजगी सामने नहीं आई।
चिंता
इजरायल के बड़े हमले से क्यों चिंता में आया अमेरिका?
इजरायली हमले ने अमेरिका को चिंता में डाल दिया है। उसे चिंता है कि आम ईरानियों के बुनियादी ढांचे पर हमले रणनीतिक रूप से उलटा पड़ सकते हैं, जिससे ईरानी समाज अपने शासन का समर्थन कर सकता है और तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने एक्सियोस से कहा, "राष्ट्रपति को यह हमला पसंद नहीं। वह तेल बचाना चाहते हैं, जलाना नहीं चाहते। यह लोगों को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की याद दिलाएगा।"
घटना
कितना बड़ा हमला था?
इजरायली वायु सेना ने शनिवार को तेहरान में 30 तेल डिपो पर हमला किया, जिससे भीषण आग लग गई। लपटें मीलों दूर दिखाई दीं और राजधानी धुएं से ढक गई। IDF ने दावा किया कि ईंधन डिपो का इस्तेमाल ईरानी शासन अपने सैन्य अंगों सहित विभिन्न उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति करने के लिए करता है। एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि हमलों से ईरान को संदेश दिया गया कि वह इजरायली नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमले बंद करे।
ट्विटर पोस्ट
हमले के बाद का दृश्य
Situation in Tehran, Iran.
— Clash Report (@clashreport) March 7, 2026
The U.S. and Israel are bombing Iranian oil depots and infrastructure.pic.twitter.com/PUobKvvgOS