LOADING...
पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अड्डे 'रहने लायक नहीं' बचे, होटलों में भेजे गए सैनिक- रिपोर्ट
ईरानी हमलों में तबाह हुआ कतर स्थित अमेरिका का सैन्य अड्डा

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अड्डे 'रहने लायक नहीं' बचे, होटलों में भेजे गए सैनिक- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Mar 26, 2026
11:18 am

क्या है खबर?

ईरान के हमलों ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिका के सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस वजह से अमेरिकी सैनिकों को होटलों और दफ्तरों में रहने पर मजबूर होना पड़ा है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीन पर मौजूद ज्यादातर सैनिक 'दूर से काम' करते हुए युद्ध लड़ रहे हैं। केवल लड़ाकू विमान के पायलट, चालक दल के सदस्य और हमला करने की जिम्मेदारी संभाल रहे सैनिक ही अड्डों में हैं।

रिपोर्ट

कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को सबसे ज्यादा नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में स्थित 13 अमेरिकी सैन्य ठिकानों में से कई बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों और सैन्य कर्मियों ने जानकारी दी है कि सबसे ज्यादा नुकसान कुवैत में स्थित अमेरिकी अड्डों को पहुंचा है। कुवैत में पोर्ट शुएबा, अली अल सलेम एयर बेस और कैंप ब्यूहरिंग जैसी सुविधाओं पर ईरानी हमले हुए हैं, जिससे परिचालन केंद्र, विमान अवसंरचना और ईंधन प्रणालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

नुकसान

किन-किन अड्डों को हुआ नुकसान?

कतर के अल उदैद वायु सेना अड्डे पर ईरान ने प्रारंभिक चेतावनी रडार प्रणाली क्षतिग्रस्त कर दी है। यहां अमेरिकी केंद्रीय कमान का क्षेत्रीय मुख्यालय है। बहरीन में ड्रोन हमले में अमेरिकी 5वें बेड़े के मुख्यालय में संचार उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान वायु सेना अड्डे पर ईंधन भरने वाले टैंकरों और संचार प्रणालियों को नुकसान हुआ है। कुवैत में अमेरिकी सेना का टैक्टिकल ऑपरेशन सेंटर तबाह हो गया है। यहां 6 सैनिक मारे गए हैं।

Advertisement

देश

यूरोप समेत अन्य देशों में भेजे गए सैनिक

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी हमलों के प्रति संवेदनशीलता कम करने के उद्देश्य से अमेरिका ने कुछ कर्मियों को यूरोप के कुछ हिस्सों सहित अन्य देशों में भेजा है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि ऐसा करने से समन्वय और प्रतिक्रिया समय धीमा हो जाता है और महत्वपूर्ण उपकरणों तक पहुंच सीमित हो जाती है, जिससे पहले से ही तीव्र संघर्ष और भी जटिल हो सकता है।

Advertisement

ईरान

ईरान की अपील- अमेरिकी सैनिकों को पनाह न दें

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की खुफिया शाखा ने कहा, "हम अमेरिकियों को निशाना बनाने के लिए मजबूर हैं। इसलिए बेहतर यही है कि आप उन्हें होटलों में पनाह न दें और उनकी मौजूदगी वाली जगहों से दूर रहें।" ईरानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने कहा, "हम लोगों से अपील करते हैं कि वे सैनिकों के छिपने की जगहों की जानकारी दें और खुद की सुरक्षा के लिए यहां से अमेरिकियों को बाहर निकालने की मांग करें।"

Advertisement