यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एयरलाइंस को रूसी हवाई क्षेत्र से गुजरने से मना किया, क्या है कारण?
क्या है खबर?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने एयरलाइंस और बीमा कंपनियों को चेतावनी दी है कि रूस का हवाई क्षेत्र अब असुरक्षित हो गया है क्योंकि आसमान में यूक्रेनी ड्रोन की मौजूदगी बढ़ गई है। उन्होंने एक्स पर वीडियो जारी कर कहा, "हम रूसी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने वाली हर एयरलाइन, बीमा कंपनी, और उन सभी को चेतावनी देना चाहते हैं जो प्रमुख रूसी हवाई अड्डों का उपयोग करते हैं। रूसी आकाश पूरी तरह से खतरनाक होता जा रहा है।"
बयान
खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकते- जेलेंस्की
जेलेंस्की ने आगे कहा कि यूक्रेन किसी भी नागरिक विमान के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करता है, बस रूस के आसमान में इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन होंगे कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी अधिकारी लोगों को इसके बारे में ठीक से जानकारी नहीं दे रहे हैं, लेकिन असल में रूसी हवाई क्षेत्र बंद हो जाएगा, जो कि रूस द्वारा शुरू किए गए युद्ध के कारण ही बंद होगा।
बयान
यूक्रेन नहीं चाहता किसी बेगुनाह की जान जाए- जेलेंस्की
जेलेंस्की ने आगे कहा कि यूक्रेन किसी बेगुनाह की जान नहीं चाहता, इसलिए अपने सहयोगियों को चेतावनी दे रहे हैं कि रूस के आसमान में सुरक्षित दिन अब खत्म हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में मौजूद देशों के राजदूत और मॉस्को में मौजूद राजदूत इस बात को सुनें और अपनी सरकारों तक पहुंचाएं।
जो एयरलाइंस अभी मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य मुख्य शहरों के लिए उड़ान भर रही हैं, वे भी इस बात को सुनें।
खतरा
रूसी हवाई क्षेत्र बंद होने से दुनियाभर में क्या असर पड़ेगा?
रूस क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हवाई क्षेत्र है। हालांकि, 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद परिस्थितियां काफी बदली हैं।
रूस का आधिकारिक आंकड़ा कहता है कि 2024 में रूस के हवाई क्षेत्र से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान मिलाकर कुल 15.15 लाख विमान गुजरे हैं यानी औसतन 4,150 उड़ानें रोज।
यह यूरोप-एशिया के लिए छोटा हवाई मार्ग है। भारत भी अमेरिका-कनाडा की उड़ानों के लिए यह रूट लेता है।
युद्ध
2022 से चल रहा है युद्ध
रूस और यूक्रेन का पूर्ण युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था, जो अब पांचवें साल में है।
यूक्रेन में अब तक 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं और 48,000 से अधिक घायल हुए हैं। यूक्रेन ने 1.40 लाख से अधिक सैनिक खोए हैं। उसे 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक नुकसान हुआ है।
रूस की तरफ 4 लाख से अधिक सैनिक मारे जा चुके हैं। उसका तेल उत्पादन 17 साल के निचले स्तर पर है।