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डोनाल्ड ट्रंप का दोहरा रवैया, रूस के साथ किया बड़ा डीजल समझौता
अमेरिका ने रूस के साथ डीजल की आपूर्ति को लेकर समझौता किया है

डोनाल्ड ट्रंप का दोहरा रवैया, रूस के साथ किया बड़ा डीजल समझौता

लेखन आबिद खान
Oct 10, 2026
09:52 am

क्या है खबर?

रूस से कच्चे तेल की खरीदी को लेकर भारत पर टैरिफ लगाने वाले अमेरिका का दोहरा रवैया सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ अहम ऊर्जा समझौता किया है। इसके तहत रूस अमेरिका को लगभग 50 लाख टन डीजल की आपूर्ति करेगा। ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर हुई बातचीत में समझौते को लेकर सहमति बनी। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि डीजल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।

समझौता

अमेरिका ने रूसी डीजल पर लगे निर्यात प्रतिबंध हटाए

समझौते के तहत, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूसी डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को 7 अप्रैल, 2027 तक निलंबित कर दिया है। मंत्रालय ने औपचारिक रूप से एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जिससे रूसी डीजल को बाजार में प्रवेश की अनुमति मिल गई है।

ट्रंप ने बताया कि रूस तुरंत 3 लाख टन डीजल अमेरिका और अन्य देशों को देगा। नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल और जारी किया जाएगा।

बयान

ट्रंप बोले- डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर कम होंगी

ट्रंप ने कहा, 'मैंने व्लादिमीर पुतिन के साथ बहुत सफल बातचीत की है। इसमें तय हुआ कि रूस तुरंत अमेरिकी और वैश्विक बाजार में 3 लाख टन डीजल सप्लाई करेगा। इसके अलावा, रिफाइनरीज की स्थिति के आधार पर कुछ ही समय में 30 लाख टन डीजल और सप्लाई करेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारे नियंत्रण और रूसी ऊर्जा को लेकर इस शानदार घोषणा के चलते अमेरिकियों और दुनिया के लिए डीजल की कीमतें तेजी से और रिकॉर्ड स्तर पर कम होंगी!'

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जेलेंस्की का बयान

यूक्रेन ने समझौते की आलोचना की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने इस फैसले की आलोचना की।

उन्होंने कहा, "पुतिन को तोहफे देने से सभ्य दुनिया में न तो शांति आएगी और न ही कोई फायदा होगा। रूस इस डीजल का जवाब और ज्यादा आतंक और धोखेबाजी से देगा। रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की इजाजत देना एक ऐसी जंग में निवेश करने जैसा है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि लंबा खींचा जाना चाहिए।"

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चुनाव

मध्यावधि चुनाव से पहले महंगाई कम करने की कोशिश

अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव है। इससे पहले जनता महंगाई से जूझ रही है। खासतौर पर ईरान युद्ध के चलते डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

कुछ सर्वे में सामने आया है कि चुनावों में ट्रंप को हार का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि मतदाता बढ़ती महंगाई को लेकर निराशा व्यक्त कर रहे हैं।

इसी वजह से ट्रंप ने डीजल की आपूर्ति को लेकर ये समझौता किया है।

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