डोनाल्ड ट्रंप बोले- मध्यावधि चुनाव होने तक ईरान पर नहीं करेंगे हमला
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमले शुरू करने का आदेश नहीं देंगे। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि युद्ध का अंत चुनाव से पहले या बाद के दिनों में हो सकता है। हालांकि, उन्होंने ईरान पर फिर से हमले का भी संकेत दिया था।
बयान
ट्रंप बोले- ईरान के साथ सार्थक बातचीत जारी
ट्रंप ने कहा, 'हम ईरान के साथ अच्छी बातचीत कर रहे हैं। मैं बताना चाहता हूं कि भले ही ईरान की आर्थिक और सैन्य हालत बहुत खराब है और उस पर लगी नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी। होर्मुज जलडमरूमध्य से रिकॉर्ड मात्रा में तेल गुजर रहा है, जिसमें से एक भी बैरल ईरान से न आ रहा है और न जा रहा है। हम 3 नवंबर को होने वाले अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेंगे।'
तैनाती
अमेरिका का तीसरा युद्धपोत पश्चिम एशिया की ओर रवाना
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका का तीसरा युद्धपोत USS थियोडोर रूजवेल्ट पश्चिम एशिया की ओर रवाना हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ये पोत और उस पर सवार हजारों सैनिक अक्टूबर के अंत तक पश्चिम एशिया पहुंच सकते हैं।
हालांकि, अमेरिका ने एक और युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन को वापस बुला लिया है। ये रिकॉर्ड समय तक ईरान युद्ध के लिए तैनात किया गया था।
पिछला बयान
ट्रंप ने कहा था- मध्यावधि चुनाव के बाद नए सिरे से हमले होंगे
इससे पहले ट्रंप ने ईरान पर नए हमलों की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नए सिरे से हमले होंगे।
साथ ही उन्होंने ईरान के 7 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया था।
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि तेहरान नवंबर में होने वाले अमरीकी मध्यावधि चुनावों के बाद एक ऐसा समझौता चाहता है, जो उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त कर दे।
प्रस्ताव
क्या था ईरान का 7 दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शामिल होने अमेरिका आए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 7 दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव पेश किया था।
उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका आवश्यक शर्तों को पूरा करता है, तो ईरान केवल 7 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल देगा।
हालांकि, ईरान ने शर्त रखी थी कि अमेरिका को उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी तुरंत हटानी होगी, तेल प्रतिबंधों में छूट देनी होगी और दोनों पक्षों को युद्धविराम का पालन करना होगा।