अमेरिकी अदालत ने अडानी बंधुओं को दी क्लीन चिट, खत्म हुए हजारों करोड़ रुपये के आरोप
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गौतम और सागर अडानी के खिलाफ सारे आपराधिक आरोप हटा दिए हैं, जिससे यह मामला हमेशा के लिए खत्म हो गया है। यह फैसला 17 अगस्त, 2026 को सुनाया गया था। इस फैसले से करीब 2 साल पुरानी वह कानूनी लड़ाई खत्म हुई है, जिसमें आरोप थे कि अडानी ग्रुप ने भारत में सोलर ठेका पाने के लिए 25 करोड़ डॉलर (2,389 करोड़ रुपये) की रिश्वतखोरी की थी और निवेशकों को 3 अरब डॉलर (28,675 करोढ़ रुपये) से ज्यादा पैसा इकट्ठा करने के दौरान गुमराह किया था। अडानी समूह ने हमेशा खुद पर लगे इन आरोपों को गलत बताया था।
उम्मीदों के मुताबिक रहा फैसला
भारतीय कानूनी जानकारों ने इस फैसले को उम्मीद के मुताबिक बताया। महेश जेठमलानी ने कहा कि यह तो पहले से ही तय था। विकास सिंह ने बताया कि चूंकि इस मामले को 'स्थायी रूप से' खारिज कर दिया गया है, इसलिए इसे भविष्य में दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता। गौतम अडानी ने इस फैसले का स्वागत 'विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान' के साथ किया। उन्होंने कहा कि वे भारत की तरक्की के लिए प्रतिबद्ध हैं। गौतम अडानी ने कहा, 'उन सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी कृतज्ञता है, जिन्होंने हम पर, इस व्यवस्था पर और भारत की न्याय देने की क्षमता पर कभी भरोसा नहीं खोया।'