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आर्थिक सलाहकार ने की पुरानी गाड़ियों के लिए E10 को वापस लाने की पैरवी
आर्थिक सलाहकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने को भोजन बनाम ईंधन से जोड़ा है

आर्थिक सलाहकार ने की पुरानी गाड़ियों के लिए E10 को वापस लाने की पैरवी

Aug 17, 2026
10:46 am

क्या है खबर?

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन और आकाश पुजारी ने पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल को वापस लाने का सुझाव दिया है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ाने से पहले भारत को 'भोजन बनाम ईंधन' के मसले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके इस बयान ने E20 फ्यूल को लेकर देशभर में छिड़ी बहस को और हवा दे दी है।

बदलाव 

बदलाव से फसल पैटर्न पर पड़ेगा असर

द इंडियन एक्सप्रेस में छपे एक लेख में CEA नागेश्वरन और आर्थिक मामलों के विभाग के सलाहकार आकाश पुजारी ने तर्क दिया है कि भारत के सामने अब केवल यह सवाल नहीं है कि क्या E20 पुराने वाहनों में काम करता है?

सवाल यह भी है कि भारत को क्या उगाना होगा? इसके लिए कितनी जमीन और पानी का इस्तेमाल करना होगा और देश में इथेनॉल की ज्यादा मांग होने पर खेती के किन कामों को छोड़ना पड़ सकता है?

समस्या 

पुराने वाहनों में क्या है समस्या?

उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 7.5 से 8 करोड़ पुराने दोपहिया वाहन हैं, जो BS4 स्टैंडर्ड लागू होने से पहले बने थे और कार्बोरेटर पर चलते हैं।

कार्बोरेटर फ्यूल मिश्रण में मौजूद अतिरिक्त ऑक्सीजन का पता नहीं लगा सकता और न ही उसके हिसाब से खुद को एडजस्ट कर सकता है।

पुरानी रबर सील इथेनॉल के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती हैं और फ्यूल के लंबे समय तक संपर्क में रहने से खराब हो सकती हैं।

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समाधान 

समस्या का बताया यह समाधान 

नागेश्वरन ने कहा कि इन वाहनों में इथेनॉल के अनुकूल सील लगाना मुमकिन तो है, लेकिन यह महंगा है और 7.5-8 करोड़ में यह बदलाव करने में कई साल लग सकते हैं।

CEA ने कहा कि पंप पर कम इथेनाॅल मिश्रित पेट्रोल को फिर से लागू करने से E20 प्रोग्राम को छोड़े बिना ही पुराने वाहनों की समस्या का समाधान हो सकता है।

उन्होंने E20 से E27 या E30 पर जाने से खाद्य फसलों पर असर पड़ने का तर्क दिया।

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