LOADING...
अमेरिकी टैरिफ में वसूले गए टैक्स की सोमवार से होगी वापसी, जानिए कितना करना होगा भुगतान
अमेरिकी टैरिफ में वसूले गए टैक्स की सोमवार से शुरू होगी वापसी

अमेरिकी टैरिफ में वसूले गए टैक्स की सोमवार से होगी वापसी, जानिए कितना करना होगा भुगतान

Apr 20, 2026
01:19 pm

क्या है खबर?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद अब वसूले गए टैक्स की सोमवार से वापसी शुरू हो रही है। ऐसे में टैरिफ के तहत टैक्स का भुगतान करने वाली सभी आयातकर्ता कंपनियां और एजेंट अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) द्वारा संचालित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से सुबह 8 बजे धनवापसी के लिए आवेदन करना शुरू कर सकते हैं। आइए जानते हैं कितना भुगतान करना होगा।

प्रक्रिया

कैसे होगी टैरिफ के तहत चुकाए गए टैक्स की वापसी?

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, कंपनियों को उन वस्तुओं की पहचान करते हुए घोषणाएं दाखिल करनी होंगी जिन पर उन्होंने आयात शुल्क का भुगतान किया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया। स्वीकृत दावों की राशि 60 से 90 दिनों के भीतर वापस किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, तकनीकी और प्रक्रियात्मक चुनौतियों के कारण अधिक समय भी लग सकता है। सरकार सबसे पहले हाल ही में किए गए शुल्क भुगतानों को प्राथमिकता देने की योजना बना रही है।

कारण

सरकार को क्यों करनी पड़ रही है वसूले हुए टैक्स की वापसी?

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने गत 20 फरवरी को 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अप्रैल 2025 में व्यापक आयात शुल्क लगाकर संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन किया था, जिसमें उन्होंने 1977 के आपातकालीन शक्तियों कानून के तहत अमेरिकी व्यापार घाटे को राष्ट्रीय आपातकाल बताया था। कोर्ट ने पाया कि यह कार्रवाई टैक्स निर्धारित करने के संबंध में अमेरिकी कांग्रेस के अधिकार पर अनुचित रूप से अतिक्रमण करती है।

Advertisement

जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावित कंपनियों को माना प्रतिपूर्ति की हकदार

अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय ने पिछले महीने फैसला सुनाया था कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ से प्रभावित कंपनियां प्रतिपूर्ति की हकदार हैं और सरकार को उन्हें वसूला गया पूरा टैक्स वापस करना होगा।

Advertisement

टैरिफ

अमेरिकी सरकार ने कितना टैरिफ वसूला था?

एक्सियोस के अनुसार, रिफंड पोर्टल की शुरुआत प्रशासन द्वारा अदालती आदेशों के अनुपालन का पहला चरण है, जिसके तहत अरबों डॉलर के शुल्क और ब्याज की प्रतिपूर्ति होगी। यह वापसी अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ी होगी। CBP के दस्तावेजों के अनुसार, 3.30 लाख आयातकों ने 5.3 करोड़ शिपमेंट पर 166 अरब डॉलर (लगभग 15.44 लाख करोड़ रुपये) का टैरिफ चुकाया है। हालांकि, सभी भुगतान तत्काल प्रतिपूर्ति के लिए पात्र नहीं होते हैं।

वापसी

अमेरिका को कितना टैरिफ वापस करना होगा?

पहला चरण उन प्रविष्टियों तक सीमित है जिनमें शुल्क का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अंतिम रूप नहीं दिया गया था, या वे प्रविष्टियां जो अंतिम लेखांकन के 80 दिनों के भीतर हैं। अप्रैल के मध्य तक 56,497 आयातकों ने CBP की इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली के लिए पंजीकरण कराया था, जिससे वे ब्याज सहित लगभग 127 अरब डॉलर (लगभग 11.81 लाख करोड़ रुपये) की धनवापसी प्राप्त करने के पात्र हो गए थे। यह अमेरिकी सरकार के लिए बड़ा झटका है।

प्रक्रिया

CAPE प्रणाली दावों की प्रक्रिया कैसे करेगी?

एक्सियोस के अनुसार, रिफंड की प्रक्रिया को कंसोलिडेटेड एडमिनिस्ट्रेशन एंड प्रोसेसिंग ऑफ एंट्रीज (CAPE) सिस्टम के माध्यम से संभाला जाएगा, जो CBP के ऑटोमेटेड कमर्शियल एनवायरनमेंट (ACE) पोर्टल के माध्यम से सुलभ है। रिकॉर्ड में दर्ज आयातकों और अधिकृत सीमा शुल्क दलालों को भुगतान प्राप्त करने के लिए खाते बनाने और बैंक विवरण जमा करने होंगे। धनवापसी अनुरोधों को प्रस्तुत करने और संसाधित करने को सुव्यवस्थित करने के लिए कंपनियों को CAPE घोषणाएं भी आवश्यक रूप से दाखिल करनी होगी।

सटीकता

तकनीकी गड़बड़ियों की आशंका के कारण सटीकता होगी महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों के अनुसार, दावों को खारिज होने से बचाने के लिए दस्तावेजीकरण में सटीकता महत्वपूर्ण होगी। आइस मिलर की पार्टनर मेघन सुपिनो ने कहा, "यदि उस फाइल में कोई ऐसी प्रविष्टि है जो पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करती है, तो इससे पूरी प्रविष्टि अस्वीकृत हो सकती है या सीमा शुल्क विभाग उस मद को अस्वीकार कर सकता है।" उन्होंने कहा कि उच्च मांग के कारण प्रक्षेपण को तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

राहत

क्या छोटी कंपनियों को मिलेगी राहत?

छोटी कंपनियां भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें उम्मीद है कि रिफंड से उनके नकदी प्रवाह में सुधार होगा। मिनिसोटा स्थित आफ्टर एक्शन सिगार्स के सह-संस्थापक ब्रैड जैक्सन ने कहा कि कंपनी ने पिछले साल निकारागुआ और डोमिनिकन गणराज्य से आयात पर 34,000 डॉलर (करीब 31 लाख रुपये) का शुल्क चुकाया और कीमतों में वृद्धि करने के बजाय लागत का एक बड़ा हिस्सा स्वयं वहन किया। हालांकि, मुख्य चिंता रिफंड वापसी में लगने वाला समय रहेगी।

सवाल

क्या उपभोक्ताओं को भी रिफंड मिलेगा?

रिपोर्ट के अनुसार, आयातकों द्वारा शुल्क का भुगतान किया जाता है, लेकिन कई कंपनियों इस लागत को ग्राहकों पर डाल दिया। जिन कंपनियों को रिफंड मिलता है, उन्हें ग्राहकों के साथ पैसा साझा करने की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन अब रिफंड के हकदार होने के निर्धारण के लिए मुकदमेबाजी चल रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को उन लॉजिस्टिक्स फर्मों से रिफंड मिलने की अधिक संभावना हो सकती है जो डिलीवरी के समय सीधे शुल्क वसूल करती हैं।

Advertisement