स्विट्जरलैंड के बार में कैसे लगी आग? सामने आया ये कारण
क्या है खबर?
स्विट्जरलैंड में क्रॉन्स मोंटाना इलाके के एक बार में नए साल के दिन विस्फोट के बाद भीषण आग लगने से हुई मौतों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। घटना की जांच कर रहे वैलिस कैंटन की अटॉर्नी जनरल बीट्रिस पिलौड ने बताया कि बार में आग लगने का कारण 'फ्लैशओवर' हो सकता है, जिससे विस्फोट जैसी स्थिति पैदा होती है। CNN के मुताबिक, आग शैंपेन की बोतलों में रखी मोमबत्ती-फुलझड़ियों से लगी थी, जो बाद में फैल गई।
जांच
क्या होता है फ्लैशओवर?
अधिकारियों के मुताबिक, बार में शुरूआती आग संभवत: चिंगारी या शैंपेन बोतलों से फैली और फ्लैशओवर हुआ, जिससे ज्वलनशील गैसे अचानक उठी और विस्फोट जैसी स्थिति बनी। स्विस अधिकारियों ने इसे फ्रेंच टर्म दिया है, जो अंग्रेजी में फ्लैशओवर या बैकड्राफ्ट के समान है। हालांकि, इसे आतंकवादी घटना बताने से इंकार किया। अमेरिका स्थित नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन (NFPA) के मुताबिक, फ्लैशओवर उसे कहा जाता है, जब किसी बंद जगह में मौजूद सभी ज्वलनशील सामग्रियां एक साथ जल उठती हैं।
घटना
अपने आप जलने लगती हैं कमरे की सभी ज्वलनशील वस्तुएं
जानकारों के मुताबिक, फ्लैशओवर तब होता है, जब आग से निकलने वाली गर्म गैसें और धुआं कमरे से बाहर नहीं निकल पाता और छत के नीचे जमा हो जाता है। तब वह कमरे को आमतौर पर 500-600 सेंटीग्रेड तक इतना गर्म कर देता है कि सभी ज्वलनशील चीजें, जैसे- फर्नीचर, कपड़े और दीवारों में आग लग जाती है। यह बहुत तेजी से होता है और कुछ सेकंड में आग फैलती है। इससे विस्फोट जैसा प्रभाव भी हो सकता है।
शोक
स्विट्जरलैंड में 5 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित
क्रॉन्स-मोंटाना आल्प्स पर्वत क्षेत्र में लग्जरी स्की रिसॉर्ट है। क्रिसमस और नए साल में यहां लाखों पर्यटक आते हैं। गुरुवार तड़के ले कॉन्स्टेलेशन बार में नए साल का जश्न मनाते समय आग लगी थी। तब वहां 250 से ज्यादा लोग मौजूद थे। घटना को आधुनिक स्विस इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी बताया गया है। इसके मद्देनजर गुरुवार से 5 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा हुई है और देश में सार्वजनिक भवनों पर झंडे आधे झुका दिए गए हैं।