मोरक्को से हजारों प्रवासी स्पेन के स्यूटा में घुसे; 19 की मौत, सेना तैनात
क्या है खबर?
मोरक्को की सीमा से सटे स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा में हजारों प्रवासी घुस आए हैं। प्रवासी सीमा की नाकेबंदी तोड़कर स्यूटा में घुस गए, जिसके चलते भारी हंगामा हुआ। इस दौरान कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। हंगामा बढ़ने के बाद स्पेन ने स्यूटा में सेना तैनात की है। बता दें कि स्यूटा स्पेनिश स्वायत्त शहर है। इसकी जमीनी सीमा मोरक्को से लगती है और समुद्र के दूसरी ओर स्पेन है।
रास्ते
समुद्र में तैरकर पहुंचे हजारों प्रवासी
स्यूटा में सैकड़ों प्रवासी तैरकर घुसे, जबकि हजारों ने सीमा की नाकेबंदी को तोड़ दिया। स्पेन के गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 24 घंटों में लगभग 49,000 प्रवासी स्यूटा में प्रवेश कर चुके हैं।
स्यूटा की अपील के बाद स्पेन सरकार ने कहा कि वो सेना तैनात करने जा रही है।
स्यूटा के सिविल गार्ड एसोसिएशन प्रमुख रचिद सबीही ने कहा, "ठीक-ठीक नंबर बताना मुमकिन नहीं, लेकिन हजारों प्रवासी आ रहे हैं। सीमा पूरी तरह टूट गया है।"
स्यूटा
सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से फैली अराजकता
दरअसल, इस महीने की शुरुआत में स्यूटा के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचने की कोशिश के दौरान पकड़े गए प्रवासियों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता।
कोर्ट ने कहा था कि जमीन के रास्ते आए प्रवासियों को तुरंत वापस भेजा जा सकता है, लेकिन समुद्र से आने वालों को नहीं।
इस फैसले का फायदा उठाते हुए कई लोग तैरकर स्यूटा आ गए।
इटली
इटली ने जताई चिंता
प्रवासी संकट को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन के साथ शेंगेन समझौता रद्द करने की धमकी दी।
उन्होंने कहा, 'हम सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक कर रहे हैं। बैठक खत्म होते ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को भी अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। इटली चुपचाप यह सब नहीं देखेगा। हम कार्रवाई करेंगे।'
उन्होंने इस मामले को 'चौंकाने वाला' बताया।
आपातकाल
स्यूटा में गंभीर आपातकालीन और मानवीय आपातकाल घोषित
स्यूटा में 'गंभीर मानवीय और सामाजिक आपातकाल' का ऐलान कर दिया गया है। स्यूटा के क्षेत्रीय नेता जुआन जेसुस विवाश ने बताया कि प्रवासी केंद्र पूरी तरह भर चुके हैं और सैकड़ों लोगों को खुले आसमान के नीचे सोने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
नाबालिगों को रखने वाले केंद्र क्षमता से 2400 प्रतिशत तक ज्यादा भर चुके हैं।
साल 2021 के बाद इसे स्पेन का सबसे बड़ा प्रवासी संकट बताया जा रहा है।