डोनाल्ड ट्रंप के बाद पुतिन करेंगे चीन का दौरा, एक दिवसीय यात्रा का क्या है मकसद?
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना 2 दिवसीय दौरा पूरा कर शुक्रवार को चीन से अमेरिका रवाना हो जाएंगे। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक दिवसीय बीजिंग दौरे पर पहुंचेंगे। पुतिन अगले सप्ताह 20 मई को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे। यह दौरा बीजिंग के साथ मॉस्को के नियमित संबंधों का हिस्सा है। इस दौरान कोई खास स्वागत समारोह नहीं होगा। यह पहली बार होगा कि जब चीन एक ही महीने में 2 वैश्विक नेताओं की मेजबानी करेगा।
यात्रा
सादगी से पूरी होगी पुतिन की यात्रा
राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत जितनी भव्यता से किया गया था, उतनी भव्यता से पुतिन का स्वागत नहीं होगा, क्योंकि चीनी अधिकारी ट्रंप की यात्रा में व्यस्त हैं। क्रेमलिन प्रतिनिधिमंडल के लिए न तो कोई भव्य परेड होगी और न ही विशेष आयोजन किया जाएगा, जबकि ट्रंप के स्वागत में 21 तोपों की सलामी और दर्जनों स्कूली बच्चों को खड़ा किया गया था। क्रेमलिन और चीन की ओर से अभी अंतिम तिथि नहीं बताई है, लेकिन संभावित तिथि 20 मई है।
यात्रा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 4 स्थायी सदस्यों के राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी
चीन 6 महीने के अंदर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 4 स्थायी सदस्यों की मेजबानी कर चुका है। ट्रंप से पहले दिसंबर में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जनवरी में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दौरा किया था। अब मॉस्को-वाशिंगटन के नेताओं का स्वागत चीन में दुर्लभ घटना बन गई है। इससे पहले, चीन ने 2001 और 2014 में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के नेताओं के साथ-साथ अन्य राष्ट्राध्यक्षों का भी स्वागत किया था।
मकसद
पुतिन के एक दिवसीय दौरे के मायने क्या है?
वर्ष 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से बीजिंग ने मॉस्को के साथ संबंधों को मजबूत किया है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ रहा है, जिससे पश्चिमी प्रतिबंधों के असर के बीच मॉस्को को आर्थिक सहारा मिला है। अमेरिका के साथ संबंध बढ़ाने की कोशिश के बीच शी पुतिन को यह आश्वासन भी दे सकते हैं कि उनका द्विपक्षीय व्यापार और सुरक्षा सहयोग प्राथमिकता बने रहेंगे। पुतिन आखिरी बार सितंबर में चीन आए थे।