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सैन्य अड्डे तबाह, ड्रोन-विमानों क्षतिग्रस्त; अमेरिका ने खुद बताए ईरान युद्ध में नुकसान के आंकड़े
ईरानी हमले में तबाह हुआ सऊदी अरब में खड़ा अमेरिका का बोइंग E-3 सेंट्री विमान (फाइल तस्वीर)

सैन्य अड्डे तबाह, ड्रोन-विमानों क्षतिग्रस्त; अमेरिका ने खुद बताए ईरान युद्ध में नुकसान के आंकड़े

लेखन आबिद खान
Sep 15, 2026
06:03 pm

क्या है खबर?

ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को हुए नुकसान का पहला आधिकारिक आकलन सामने आया है। पेंटागन के आधिकारिक निगरानी निकाय के अनुसार, ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य और राजनयिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि युद्ध से अमेरिकी सेना के अहम गोला-बारूद भंडार पर भी दबाव पड़ा है। ये पहली बार है, जब अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर नुकसान की जानकारी साझा की है।

बहरीन

बहरीन में सबसे ज्यादा नुकसान

रिपोर्ट में कहा गया है कि बहरीन में हुए हमलों का सबसे ज्यादा असर हुआ, जहां अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन में नौसैनिक अड्डे को हुए नुकसान से पर्याप्त नौसैनिक अड्डे और सहायक बंदरगाह स्थापित करने में महत्वपूर्ण चुनौतियां पैदा हुईं।

इसके चलते अमेरिकी सेना को अपनी रसद आपूर्ति को हिंद महासागर में स्थित दूरस्थ अमेरिकी-ब्रिटिश सुविधा केंद्र डिएगो गार्सिया में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

सऊदी अरब

सऊदी अरब स्थित दूतावास और अड्डों को भी नुकसान

ईरान ने सऊदी अरब के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाया। इसमें एक CIA स्टेशन समेत व्यापक क्षति हुई। सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा।

इससे पहले सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर विमानों और अन्य उपकरणों को हुए नुकसान की जानकारी पता चली थी। सऊदी अरब में तैनात दूतावास के गैर-जरूर कर्मियों को निकालने में भी करोड़ों का खर्च आया।

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विमान

ड्रोन से लेकर विमान तक हुए तबाह

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने दर्जनों अमेरिकी विमानों और ड्रोनों को नष्ट कर दिया। इनमें 2.87 अरब रुपये की लागत वाले 30 MQ-9 रीपर ड्रोन भी शामिल थे।

इसके अलावा 7 KC-135 ईंधन भरने वाले विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए, जिनमें से 5 सऊदी अरब में खड़े थे।

इराक में भी एक और KC-135 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे KC-135 विमान से टक्कर के बाद 6 सैनिक शहीद हो गए।

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अन्य ठिकाने

इन ठिकानों पर भी हुआ अमेरिका को नुकसान

कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया। इसके बाद अस्थायी रूप से कामकाज बंद करना पड़ा।

कतर में ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम अल उदैद हवाई अड्डे पर हमला किया, जिसमें सैटेलाइट संचार प्रणाली को नुकसान पहुंचा।

जॉर्डन में ईरान ने अमेरिकी सुविधाओं और मिसाइल-रक्षा संपत्तियों को निशाना बनाया।

रिपोर्ट में कहा गया कि हमलों के कारण अमेरिकी सेंट्रल कमांड को पूरे क्षेत्र में कर्मियों, संसाधनों और भंडारण सुविधाओं को स्थानांतरित करना पड़ा।

हथियार

रिपोर्ट में हथियारों की कमी का भी जिक्र

NBC न्यूज के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध की वजह से उन्नत हथियारों के संबंध में रणनीतिक भंडार में कमी आई है और गोला-बारूद की आपूर्ति में औद्योगिक आधार संबंधी बाधाएं उजागर हुई हैं।

इससे पहले भी कई रिपोर्टों में ये दावे किए गए थे। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा इनका खंडन करते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को हथियारों का भंडार युद्ध-पूर्व स्तर तक भरने में लगभग 2 साल लगेंगे।

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