लंदन में प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास पर चढ़कर उखाड़ा सरकार का झंडा, मचा बवाल
क्या है खबर?
ईरान में दो हफ्तों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब देश के लिए सबसे बड़े संकट में बदलता दिख रहा है। राजधानी तेहरान से लेकर 100 से ज्यादा शहरों तक हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हजारों की तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और ईरानी शासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस बीच लंदन में ईरानी दूतावास से सरकार का झंडा हटाकर उसकी जगह इस्लामी क्रांति से पहले वाला झंडा फहराने का मामला सामने आया है।
वीडियो
सामने आया घटना का वीडियो
लंदन में ईरानी दूतावास से झंडा हटाने का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक प्रदर्शनकारी को केंसिंग्टन स्थित दूतावास भवन पर चढ़कर इस्लामी गणराज्य का झंडा उतारते और 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले ईरान के राजतंत्र से जुड़े ऐतिहासिक 'शेर और सूर्य' के प्रतीक चिन्ह वाला झंडा फहराते दिखाया गया है। इस दौरान नीचे जमा हुए प्रदर्शनकारी युवक का तालियां बजाकर और नारे लगाकर स्वागत करते नजर आ रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें झंडा हटाने का वीडियो
The moment Spiderman tore down the Islamic Republic flag at Iran's embassy in London, and raised the lion and sun flag 💪
— Dr. Eli David (@DrEliDavid) January 10, 2026
pic.twitter.com/2C2QSavLl6
कार्रवाई
पुलिस ने दो प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाया गया और उन्होंने दो गिरफ्तारियां कीं। एक व्यक्ति को जबरन घुसपैठ और आपातकालीन कर्मी पर हमले के संदेह में गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे को जबरन घुसपैठ के आरोप में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि वे अतिक्रमण के संबंध में एक तीसरे व्यक्ति की भी तलाश कर रहे हैं। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि झंडा हटाने वाला व्यक्ति गिरफ्तार हुआ या नहीं।
झंडा
क्या है शेर-सूरज का झंडा?
ईरानी झंडे कि जगह फहराए गए शेर और सूरज के प्रतीक चिन्ह वाले झंडे का अपना एक इतिहास है। यह झंडा ईरान की राजशाही से जुड़ा है। साल 1979 की क्रांति तक आधिकारिक रूप से यह झंडा देश में इस्तेमाल किया जाता था। शाह के सत्ता से हटने के बाद नई धार्मिक नेतृत्व वाली सरकार ने इसकी जगह मौजूदा इस्लामिक रिपब्लिक का झंडा अपनाया था। इसी के बाद अब देश में एक बार फिर यह झंडा लहराया जा रहा है।
विरोध
ईरान से बाहर भी शुरू हुए विरोध प्रदर्शन
लंदन में यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान पिछले कई वर्षों में अशांति की सबसे गंभीर लहर का सामना कर रहा है। आर्थिक चिंताओं को लेकर 28 दिसंबर को शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन तब से पूरे देश में फैल चुके हैं और देश के धार्मिक नेतृत्व के लिए चुनौती बन गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए कदम उठाएगा।